मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता विकास को गति प्रदान करने के लिए हमारी सरकार द्वारा विगत वर्ष ‘रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर्स’ की स्थापना जनपद अल्मोड़ा के हवालबाग में और जनपद पौड़ी के कोटद्वार में की गई। वर्तमान में इन ‘रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर्स’ के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इनक्यूबेटर्स के अच्छे परिणामों को देखते हुए इस योजना को हब एवं स्पॉक मॉडल के अंतर्गत राज्य के अन्य 11 जनपदों में क्रियाशील किए जाने हेतु ‘रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर’ के स्पॉक स्थापित किए जाएंगे। इन इनक्यूबेटर्स के माध्यम से हमारे उद्यमियों को नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर्मशील नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है, उद्योग जगत भी इससे अछूता नहीं है। हमारी यह पहल प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल की अवधारणा को मजबूती प्रदान करेगा तथा इससे विकास के नये रास्ते तय होंगे तथा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी यह निर्णायक पहल होगी। उन्होंने कहा कि पिछली बार जब वे हवाल बाग में निवेशकों से मिले थे उस समय की निवेश की यह धनराशि आज 7 करोड़ से 20 करोड़ हो गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता के क्षेत्र में कार्य करने वालों का जज्बा उन्होंने देखा है उनका आत्म विश्वास अन्य युवाओं के लिये भी प्रेरणा का कार्य करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबका यह प्रयास होना चाहिए कि जो जिस क्षेत्र में कार्य कर रहा है उसे बेहतर ढंग से करे तथा अपने अनुभवों को साझा करें। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे यह हमारा दायित्व होना चाहिए। ग्रामीण उद्यमिता के विकास से हमारे युवा स्वरोजगार से जुड़ेंगे तथा नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाले बनेंगे। ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों के विपणन की बेहतर व्यवस्था पर हमारा ध्यान है। आज देश में आयात को निर्यात में बदलने की प्रक्रिया की शुरुआत हो रही है।
इस अवसर पर ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एक अभिनव पहल करते हुये राज्य में रूरल बिजनेस इन्क्यूबेटर्स योजना प्रारम्भ की गयी, जिसमें दो इन्क्यूबेटर्स कमशः जनपद अल्मोड़ा व पौड़ी में स्थापित किये गये। इन इन्क्यूबेटरों के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को उनके नये उद्यम स्थापना तथा स्थापित उद्यमों के विस्तारीकरण हेतु विभिन्न प्रकार के तकनीकी सहायता, मेन्टरशिप सहयोग, विधिक सहयोग, विपणन सहयोग आदि प्रदान किया जा रहा है। जहां पर दक्ष मानव संसाधन ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु भावी ग्रामीण उद्यमियों को तैयार करने में मदद कर रहा है। गत एक वर्ष में लगभग 500 से अधिक इन्क्यूबेटीज़ द्वारा इन्क्यूबेटर्स के माध्यम से लाभ प्राप्त कर अपने उद्यमों की स्थापना अथवा उद्यम विस्तार में सहायता प्राप्त की गयी है।

उन्होंने कहा कि ‘गुल्लक कार्यक्रम’ राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को विकसित करने के लिये सरकार की एक अनूठी पहल है। ग्रामीण उद्यमियों हेतु अयोजित किये जाने वाला यह कार्यक्रम, देशभर में पहला प्रयास है, जहां ग्रामीण उद्यमी अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से अपने आइडिया एवं बिजनेस निवेशकों के सम्मुख प्रस्तुत कर रहे हैं। इस मंच से उद्यमियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने में मदद मिलेगी।


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