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जोशीमठ राहत पैकेज का ड्राफ्ट तैयार करने में जुटा शासन

आपदाग्रस्त जोशीमठ शहर को बचाने के मद्देनजर धामी सरकार गंभीरता से जुटी है। इस कड़ी में केंद्र को भेजा जाने वाला राहत पैकेज का प्रस्ताव दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। जोशीमठ के आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए कोटीग्राम, पीपलकोटी, एचआरडीआइ की भूमि, ग्राम जाख व गौचर का चयन किया है।

जिले के आपदाग्रस्त जोशीमठ शहर को बचाने के मद्देनजर धामी सरकार गंभीरता से जुटी है। इस कड़ी में केंद्र को भेजा जाने वाला राहत पैकेज का प्रस्ताव दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है।

यह मुख्य रूप से जोशीमठ के पुनर्निर्माण, ढलान की स्थिरता, आपदा प्रभावितों का पुनर्वास और आजीविका विकास पर केंद्रित होगा। शासन इन दिनों राहत पैकेज का ड्राफ्ट तैयार करने में जुटा है। जल्द ही इसे केंद्र को भेजा जाएगा।

सरकार को बड़ी धनराशि की आवश्यकता है

जोशीमठ के पुनर्निर्माण, आपदा प्रभावितों के पुनर्वास समेत अन्य बिंदुओं के दृष्टिगत सरकार को बड़ी धनराशि की आवश्यकता है।
इसे देखते हुए अपने स्रोतों से वित्तीय संसाधन जुटाने के साथ ही केंद्र सरकार को भी जोशीमठ के लिए राहत पैकेज का प्रस्ताव भेजा जाना है। कैबिनेट के इस निर्णय के मद्देनजर शासन द्वारा सभी बिंदुओं पर गंभीरता से मंथन कर राहत पैकेज का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

पार्क आदि का होगा निर्माण

आपदाग्रस्त क्षेत्र से खतरनाक भवनों को हटाने व सुरक्षात्मक कदम उठाने के बाद वहां पार्क अथवा ऐसी हल्की संरचनाएं बनाई जाएंगी, जिससे भूमि पर भार न पड़े। राहत पैकेज में इसे भी शामिल किया जा रहा है। यानी, इस क्षेत्र में बड़े निर्माण किसी भी स्थिति में नहीं होंगे।

पुनर्वास को चाहिए बड़ी धनराशि

जोशीमठ के आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए कोटीग्राम, पीपलकोटी, एचआरडीआइ की भूमि, ग्राम जाख व गौचर का चयन किया है। ऐसे में पुनर्वास को बड़ी धनराशि की जरूरत होगी। साथ ही प्रभावितों के लिए आजीविका की व्यवस्था होनी है। यही नहीं, अस्थायी पुनर्वास के लिए भी प्री-फेब्रिकेटेड घरों का निर्माण होना है।

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