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उत्तराखंड के रहने वाले एसीपी ललित मोहन नेगी वीरता पुरस्कार से सम्मानित

उत्तराखंड मूल के निवासी एसीपी ललित मोहन नेगी ने कई एनकाउंटर को अंजाम दिया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली स्पेशल सेल में तैनात एसीपी ललित मोहन नेगी को वीरता के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है। गौरतलब रहे कि एसीपी ललित मोहन नेगी की टीम ने आनंदमयी मार्ग पर दो बदमाशों को 17 फरवरी, 2020 को घेर लिया था। एसीपी ललित मोहन नेगी ने जिप्सी से बदमाशों की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। टक्कर से बदमाश नीचे गिर गए। कुछ देर में बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग करना शुरू कर दी। गोलियां एसीपी ललित मोहन नेगी, एसआई सुंदर गौतम, एसआई रघुवीर और शमशेर की बूलट प्रूफ जैकेट में लगीं। ये पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। मुठभेड़ में दोनों बदमाश ढेर हो गए।

इन पुलिस अधिकारियों को इस बहादुरी पूर्ण कार्य के लिए वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में एसआई मनोज भाटी (उस समय एएसआई) व शजाद खान ने बहादुरी दिखाते हुए 7 दिसंबर को आतंकी गुरजीत सिंह उर्फ भा और सुखदीप सिंह उर्फ भूरा को 7 दिसंबर, 2020 को बहादुरी दिखाते हुए गिरफ्तार किया था।

उत्तराखंड के निवासी एसीपी ललित मोहन नेगी ने इससे पहले भी कई एनकाउंटर को अंजाम दिया है। उनको इससे पहले 2021 में गणतंत्र दिवस के दिन हुए दंगों की जांच करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की टैक्टर परेड के दौरान लाल किले में हुई हिंसा के मामले में यूएपीए और राजद्रोह की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। एनकाउंटर स्पेशिलिस्ट एसीपी ललित मोहन नेगी को यूएपीए का इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया गया था। उस दिन किसान आंदोलनकारी काफी उग्र हो गये थे और उन्होंने कई जगह पर तोडफोड़ और हिंसक घटनाएं की थीं।

इस साल दिल्ली पुलिस के 26 कर्मियों को गणतंत्र दिवस के अवसर पर वीरता के लिए पुलिस पदक, विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक से सम्मानित किया गया है।

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Hill Mail

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