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आस्था की नई मिसाल बनी देहरादून की सुब्बालक्ष्मी, लाखों बार लिखा राम नाम, आंकड़ा जल्द होगा 1 करोड़ पार

राम नाम का जप पूरी दुनिया का बेड़ा पार कर सकता है दुनिया में लाखों लोग राम का नाम लेकर जीवन का बेड़ा पार कर लेते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही कहानी बताने जा रहे है, जिसके कारण लाखों लोग उनके मुरीद हो गए हैं। यह एक ऐसी महिला की कहानी है जिसने कुछ ऐसा कर दिखाया कि लोग यह देखकर उनके भक्त हो जाते हैं।

देहरादून के विजयमिलन मठ में आश्रमवास में रह रही सुब्बालक्ष्मी की कहानी है जो राम नाम की भक्ति में इस कदर विलीन है कि अभी तक लाखों बार राम नाम जप चुकी है आस्था की नई मिसाल बनी सुब्बालक्ष्मी रोजाना कापी में राम नाम लिखती हैं, राम नाम लेखन पुस्तक में लिखना उनकी की रोज की दिनचर्या में शामिल है और लाखों बार राम नाम का लेखन पूरा कर चुकी है।

सुब्बालक्ष्मी की भक्ति की चारों ओर प्रशंसा हो रही है हर कोई सुब्बालक्ष्मी की भक्ति से चकित है, सुब्बालक्ष्मी का कहना है कि उनका संकल्प है कि राम नाम लेखन उनके अंतिम क्षण तक जारी रहे। उन्होंने बताया की राम नाम लेखन से मन बहुत जल्दी एकाग्र होता है, आपको बता दें कि सुब्बालक्ष्मी की उम्र 94 साल है और 15 साल से राम नाम लेख लिख रही हैं। उनका जन्म उड़ीसा के एक विद्वान परिवार में हुआ, आध्यात्मिक और धार्मिक परिवार में पली बढ़ी सुब्बालक्ष्मी को राम नाम लेखन की प्रेरणा आंध्र प्रदेश में लगने वाले आध्यात्मिक शिविर से मिली। सुब्बालक्ष्मी कई किताबों में राम नाम लेखन लिख चुकी और लगातार हर दिन लिखती है वह बताती हैं कि ऐसा करने से उनको सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

वहीं सुब्बालक्ष्मी के पुत्र ने बताया कि संसार में राम नाम से बड़ा माताजी के लिए कुछ नही है वह बचपन से माता को राम नाम का जाप करते देख रहे है ऐसा करने से माताजी को प्रेरणा मिलती है और बड़ी से बड़ी मुश्किल का सामना आसानी से हो जाता है।

आंकड़ा जल्द हो जायेगा एक करोड़ पार

सुब्बालक्ष्मी रोज कापी में राम नाम लिखती है और अगर लेखन ऐसा ही जारी रहेगा तो जल्द ही सुब्बालक्ष्मी 1 करोड़ से अधिक बार राम नाम लेखन पूरा कर देंगी और आस्था और विश्वास की एक अद्भुत मिसाल पेश करेगी। 94 वर्ष की उम्र में सुब्बालक्ष्मी की कहानी वाकई कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है।

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Hill Mail

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