विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ मनमोहन सिंह चौहान की अध्यक्षता में कुलपति सभागार में प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मीडिया की एक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में आगामी 34वें दीक्षान्त समारोह की तैयारियों एवं विभिन्न उपाधियों के बारे में जानकारी देते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि इस दीक्षान्त समारोह में लगभग 5000 विद्यार्थी, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित होंगे। दीक्षान्त समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर एवं परास्नातकोत्तर के कुल 2500 विद्यार्थियों को उपाधियां दीक्षांत पंडाल में प्रदान की जाएंगी।
इन उपाधियों के साथ-साथ कुलपति स्वर्ण पदक, रजत पदक एवं कांस्य पदक भी दीक्षान्त समारोह में प्रदान किये जायेंगे। इसके साथ ही एक सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थी को कुलाधिपति स्वर्ण पदक से भी सम्मानित किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में विद्यार्थियों की विशिष्ट उपलब्धियों के लिए उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न पुरस्कार भी इस दीक्षान्त समारोह में दिये जायेगें।
दीक्षान्त समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह, कृषि मंत्री गणेश जोशी एवं सचिव एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को डाक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से विभूषित किया जाएगा।
डॉ मनमोहन सिंह चौहान ने विश्वविद्यालय की प्रसिद्धि को शिखर तक पहुंचाने में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहयोग एक सराहनीय कदम बताया और अपेक्षा की कि यह सहयोग आगे भी इसी तरह निरंतर बना रहेगा। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रबंध परिषद द्वारा 100 से अधिक संकाय सदस्यों का कैरियर एडवांस स्कीम के अंतर्गत प्रोन्नति जोकि लम्बे अवधि से अपेक्षित थी, के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है। विश्वविद्यालय परिसर में छात्रावासों, सड़क आदि का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल ने कुलपति के विश्वविद्यालय में योगदान के पश्चात विश्वविद्यालय की 5 माह में हुई उपलब्धियों के बारे में मीडिया कर्मियों को अवगत कराया। इस अवसर पर कुलपति के ओ.एस.डी. डा. एस.के. गुरू भी उपस्थित थे।


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