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लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में और प्रयास करने की जरूरत

राज्य के पर्वतीय जनपदों में लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सहकारिता के क्षेत्र में और प्रयासों की जरूरत है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का आम जन अधिक से अधिक फायदा ले सकें, इसके लिए ऐसी व्यवस्था की जाय कि एक जैसी प्रकृति की योजनाओं के तहत लोगों को संबंधित विभागों की योजना का लाभ उठाने के लिए मिश्रित लोन लेने की सुविधा मिल सके। सहकारी बैंकों द्वारा एनपीए को कम करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाएं। बैंकों को ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने की दिशा में विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में और प्रयासों की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंकों की बैठक के दौरान अधिकारियों को ये निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की आजीविका को बढ़ाने के लिए राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। कलस्टर आधारित अप्रोच पर अधिक ध्यान दिया जाए। पर्वतीय जनपदों में सहकारिता आधारित कार्यों को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है। राज्य में मोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किए जाएं। इसके लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाय। आम जन को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके, सहकारी बैंकों के माध्यम से लोन की प्रक्रियाओं के सरलीकरण की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की आम जन को गोष्ठियों एवं कैम्प के माध्यम से जानकारी दी जाय।

सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि पिछले 5 सालों में राज्य के सहकारी बैंकों में एनपीए में तेजी से कमी की गई है। 5 साल पहले एनपीए लगभग 20 प्रतिशत था, जो अब घटकर 3.81 प्रतिशत है। सहकारी बैंकों के माध्यम से मोबाईल बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में सभी पैक्स का कंप्यूटराइजेशन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। सहकारी बैंकों में आईबीपीएस के माध्यम से भर्तियां की जा रही हैं।

बैठक में सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, अपर निबंधक सहकारिता ईरा उप्रेती, एमडी सहकारिता नीरज बेलवाल एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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Hill Mail

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