Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पंतनगर विश्वविद्यालय में पशु औषधी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, 14 राज्यों के 300 वैज्ञानिक ले रहें हैं हिस्सा
उत्तराखंड न्यूज़ऊधम सिंह नगरताज़ा ख़बर

पंतनगर विश्वविद्यालय में पशु औषधी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन, 14 राज्यों के 300 वैज्ञानिक ले रहें हैं हिस्सा

मुख्य अतिथि डा. मनमोहन सिंह चौहान ने पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए उनका समय से टीकाकरण करने पर बल दिया। हाल ही में लम्फी बीमारी के अचानक संक्रमण के कारण बहुत सारे जानवारों की मृत्यु के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कमजोर एवं लवारिस पशु एक समस्या है क्योंकि उनके द्वारा पालतू पशुओं में कई बीमारियों का संक्रमण हो जाता है। अतः टीकाकरण अवश्य करवा लेना चाहिए। उनके द्वारा पशुचिकित्सा महाविद्यालय में स्टेम सेल पर हो रहे शोध को संज्ञान में लाते हुए डीएनए एवं आरएएन आधारित औषधियों के विकास पर भी सुझाव दिया गया और कहा गया कि मौलिक शोध तथा हर्बल औषधीय एवं हर्बल टीकाकरण पर बल दिये जाने की आवश्यकता है। उनके द्वारा संगोष्ठी प्रांगण में विभिन्न कम्पनियों द्वारा लगाये गये औषधियों के स्टाल का भी अवलोकन किया गया।

डा. डी.एस. नोरियाल ने बताया कि पूर्व में किये गये चिकित्सा शोध में जो उत्कृष्ठ शोध किये गये है उनका आकलन कर ब्लू बूक के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा है, जिससे युवा वैज्ञानिक विभिन्न शोधों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि करोना काल में 26 ऑनलाइन वेबीनार आयोजित किये गये थे। डा. आर. रामप्रभु द्वारा समिति की स्थापना एवं समिति द्वारा आयोजित किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में बताया गया। इस अवसर पर समिति द्वारा पिछले तीन वर्षों में चयनित उत्कृष्ठ वैज्ञानिकों को स्वर्ण पदक तथा समिति की फैलोशिप से भी सम्मानित किया गया।

अधिष्ठाता पशुचिकित्सा डा. एस.पी. सिंह द्वारा समिति के वार्षिक सम्मेलन तथा संगोष्ठी के आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए दूध, मांस एवं अंडे की प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष उत्तराखंड तथा राष्ट्र स्तर पर उपलब्धता एवं अखिल भारतीय चिकित्सा परिषद द्वारा इन पदार्थो की प्रति व्यक्ति आवश्यकता के बारे में प्रकाश डाला गया। विश्वविद्यालय में कडकनाथ मुर्गे की प्रजाति को बढावा दिया जा रहा है। डा. प्रकाश भट्ट द्वारा सभी उपस्थितजनों का स्वागत किया गया तथा सह-सचिव, डा. एस.सी. त्रिपाठी द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस अवसर पर उत्तराखंड बायोटेक्नॉलजी परिषद के निदेशक डा. संजय शर्मा, पशुचिकित्सा महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता डा. एन.एस. जादौं, विश्वविद्यालय के निदेशक शोध डा. ए.एस. नैन, निदेशक प्रसार डा. अनिल कुमार शर्मा, निदेशक कृषि व्यवसाय प्रबंधन डा. आर.एस. जादौं, विभागाध्यक्ष, वैज्ञानिक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल ने बताया कि युवा वैज्ञानिकों एवं विद्यार्थियों के अन्दर संगोष्ठी के प्रति काफी उत्साह दिखा।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...