मुख्यमंत्री धामी ने नितिन गडकरी को अवगत कराया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 6 राज्य मार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान की गयी थी, जिसकी स्वीकृति भारत सरकार से अद्यतन प्रतीक्षित है, इन राजमार्गों में खैरना-रानीखेत, बुआखाल-देवप्रयाग, देवप्रयाग-गजा-खाड़ी, पाण्डुखाल-नागचुलाखाल-बैजरों, बिहारीगढ़-रोशनाबाद, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा-मोहन-रानीखेत शामिल है।
इसके अतिरिक्त 189 किमी के काठगोदाम-भीमताल धानाचूली-मोरनोला-खेतीखान-लोहाघाट-पंचेश्वर मोटर मार्ग को पर्यटन / सैन्य आवागमन एवं आम जनमानस के लिए नितान्त उपयोगी होने के दृष्टिगत राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में अधिसूचित किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने अनुरोध किया।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मसूरी की महत्वपूर्ण 2-लेन टनल परियोजना के कार्यों हेतु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इस परियोजना के प्रथम चरण के सभी कार्यों को लोक निर्माण विभाग, उत्तराखंड की राष्ट्रीय राजमार्ग खण्ड द्वारा प्रभावी तरीके एवं समयबद्धता के साथ किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग रू 2000.00 करोड़ की है। परियोजना का कार्य उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को प्राप्त होने पर राज्य सरकार को एजेन्सी चार्जेज के फलस्वरूप लगभग रू 60.00 करोड़ प्राप्त होंगे। उत्तराखंड लोक निर्माण विभाग द्वारा चारधाम परियोजना के अधिकांश भाग का कार्य, राज्य में फ्लाई ओवर के निर्माण कार्य, टनल निर्माण कार्य समयान्तर्गत एवं दक्षता से किये गये है। मसूरी टनल का कार्य उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग को आवंटित किये जाने का भी मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसूरी जाने वाले पर्यटक देहरादून शहर से होते हुए ही मसूरी जाते हैं, जिस कारण शहर में वाहनों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। देहरादून रिंग रोड का कार्य एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है। एनएचएआई द्वारा संरेखण के अंतिमीकरण तथा डीपीआर गठन की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्य एनएच- (ओ) के अन्तर्गत स्वीकृति हेतु सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार में विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री गडकरी को अवगत कराया कि उत्तराखंड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों में आपदा से क्षतिग्रस्त हुये मार्गों को सुचारू किये जाने के लिए एफडीआर (सी) के अन्तर्गत रू 1295.07 लाख का भुगतान किये जाने हेतु प्रस्ताव सचिव, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। प्रकरण तात्कालिक एवं संवेदनशील होने के दृष्टिगत सर्वोच्च प्राथमिकता में स्वीकृति प्रदान करने का भी मुख्यमंत्री ने श्री गडकरी से अनुरोध किया।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री धामी को उपरोक्त प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।


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