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बदरीनाथ-केदारनाथ सहित ऊंची चोटियों में हुई बर्फबारी, बारिश से फसलों को हुआ नुकसान

उत्तराखंड में मार्च के दूसरे पखवाड़े के शुरू होने के बाद से ही मौसम का मिजाज आए दिन बदल रहा है। प्रदेश में लगातार रुक-रुककर वर्षा व ओलावृष्टि हो रही है। भारी बारिश के चलते तापमान ने भी गिरावट आई है।

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम के बदले मिजाज के बीच ज्यादातर क्षेत्रों में वर्षा-बर्फबारी और ओलावृष्टि हो रही है। हालांकि अगले दिन धूप खिलने से कुछ राहत मिली है लेकिन बाद में बादल छा गए और दोपहर बाद गरज के साथ दोबारा बारिश शुरू हो गई। इससे पहले बदरीनाथ-केदारनाथ सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। यमुनोत्री धाम में हिमपात हुआ है, गंगोत्री धाम में वर्षा हुई। केदारनाथ धाम और गंगोत्री सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार प्रदेशभर में अगले कुछ दिन मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है। चोटियों पर हल्का हिमपात, निचले इलाकों में वर्षा-ओलावृष्टि होने की आशंका है। मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा के आसार बन रहे हैं। यह क्रम आगामी चार अप्रैल तक बना रह सकता है। ऐसे में तापमान सामान्य से नीचे रहने का अनुमान है। देहरादून में 24 घंटे के भीतर करीब 35 मिमी, जबकि मसूरी में कुल 45 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

उत्तराखंड में मार्च के दूसरे पखवाड़े के शुरू होने के बाद से ही मौसम का मिजाज आए दिन बदल रहा है। प्रदेश में लगातार दो दिन से रुक-रुककर वर्षा व ओलावृष्टि हो रही है। देहरादून-मसूरी समेत ज्यादातर क्षेत्रों में वर्षा का दौर जारी रहा। भारी बारिश के चलते तापमान ने भी गिरावट आई है। तेज बारिश और आधी के कारण गेहूं और सरसों की सफल को काफी नुकसान हुआ है।

पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा दर्ज की गई। वर्ष 2015 में हुई अत्यधिक वर्षा के बाद वर्ष 2023 में एक दिन में सर्वाधिक वर्षा बीते 17 मार्च को हुई। देहरादून में कई दिनों से रूक रूक कर हो रही बारिश के कारण यहां का जन जीवन प्रभावित हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में भी बारिश के कारण खेती को भी नुकसान होने की खबर है।

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Hill Mail

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