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पूरे मनोयोग से करें अपने दायित्वों का निर्वहन तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचायें – सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ के स्वप्न को साकार करने हेतु उत्तराखंड की डबल इंजन की सरकार निरंतर कार्य कर रही है। राज्य सरकार के ‘सर्वश्रेष्ठ उत्तराखण्ड‘ निर्माण के अपने ‘विकल्प रहित संकल्प‘ से 21वी सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिये प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने चुनावों से पहले समान नागरिक संहिता का वायदा किया था और जनता जनार्दन से हमें भरपूर आशीर्वाद भी मिला। समान नागरिक संहिता के लिये गठित समिति जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, आमजन आदि से सुझाव लेकर ड्राफ्ट तैयार कर रही है। हमें खुशी है कि समान नागरिक संहिता के लिये हमें देखकर दूसरे राज्य भी आगे आ रहे हैं। जैसे ही समिति अपना ड्राफ्ट बनाकर सौंपेगी हम उस पर कानून बनाकर आगे बढ़ाया प्रलोभन से धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिये हमारी सरकार ने सख्त धर्मांतरण कानून बनाया है।

उन्होंने कहा कि नकल विरोधी कानून में 10 वर्ष की सजा तथा नकल माफिया की संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान किया गया है, नकल में सम्मिलित कई लोगों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जी 20 देशों की बैठकें बडे शहरों में ही हुआ करती थी यह पहला अवसर है जब दुनिया के प्रतिनिधि भारत में आकर छोटे शहरों में आ रहे है। प्रदेश का रामनगर भी इसका साक्षी बना है।

मई एवं जून में ऋषिकेश में जी 20 की दो बैठके और आयोजित होनी है, इससे उत्तराखंड की पहचान दुनिया में बढेगी। उन्होंने कहा कि इसबार गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्यपथ पर प्रदर्शित उत्तराखण्ड की झांकी मानसखण्ड को प्रथम स्थान प्राप्त होना हमारे लिये सम्मान की बात है। इससे हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की देश व दुनिया में पहचान बढ़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने भी कुछ दिन पूर्व ही अपने कार्यकाल के एक वर्ष पूर्ण किए हैं। इस एक वर्ष के दौरान, हमने हर क्षण यह प्रयास किया है कि प्रदेश के सामने जो भी चुनौतियां हैं उन सभी का समाधान निकाला जाए और राज्य को विकास की राह पर आगे बढ़ाया जाए। यही कारण है कि जनता से हमें आज पूरा समर्थन मिल रहा है और इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता के विश्वास को और भी अधिक सुदृढ़ किया है।

उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने का जो विकल्प रहित संकल्प लेकर हम चल रहे हैं उसके बहुत से पड़ाव पार करने अभी बाकी हैं। इस एक वर्ष में हमने नए उत्तराखण्ड निर्माण के संकल्प को ध्यान में रखते हुए दिन – रात कार्य करने का प्रयास किया है। इस एक वर्ष के दौरान हमने जनता से किए अपने वादों को या तो पूरा किया है या फिर उन्हें पूरा करने कि दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे अंत्योदय परिवारों को तीन गैस सिलेंडर देने हों, प्रदेश की महिलाओं के लिये क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था को लागू करना हो, नई शिक्षा नीति लागू करना हो, नई खेल नीति लागू करना हो, राज्य आंदोलनकारियों व उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण देना हो या फिर लैंड जेहाद जैसे मुद्दों पर खुलकर बात करना हो.. हमने इन सभी कठिन परंतु राज्य के लिए आवश्यक कार्यों को अपने छोटे से कार्यकाल में कर दिखाने का साहस किया है। हमारे लिए प्रदेश और प्रदेश के हित सर्वोपरि हैं और जब तक हमारी सरकार है, हम किसी भी वर्ग का अहित नहीं होने देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के शुरुआती दिनों में जोशीमठ को लेकर जो भय का माहौल बनाया जा रहा था, आज सब सामान्य है। सरकार ने इस स्थिति से उभरने के लिए सकारात्मक काम किए हैं। इसी का परिणाम है कि 22 अप्रैल से शुरू होने वाली हमारी चारधाम यात्रा के लिए लाखों की संख्या में पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा इस बार पिछले वर्षों से अधिक संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड के तीर्थ धाम में दर्शन के लिए पहुंचेंगे और पिछले वर्षों के सारे रिकॉर्ड पीछे छूट जाएंगे।

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Hill Mail

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