Friday , 4 September 2026
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हल्की बर्फबारी के बीच खुले बद्रीनाथ धाम के कपाट, तीर्थयात्रियों पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा

कपाटोद्घाटन के साक्षी बनने के लिए हजारों संख्या में श्रद्वालु धाम मौजूद थे। सुबह चार बजे से कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। कुबेर जी, श्री उद्वव जी एवं गाडू घडा दक्षिण द्वार से मंदिर में परिसर में लाया गया। इसके बाद मंदिर के मुख्य पुजारी रावल समेत धर्माधिकारी, हकहकूधारी एवं श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रशासन एवं हजारों श्रद्वालुओं की मौजूदगी में विधि विधान के साथ मंदिर के कपाट खोले गए। मुख्य पुजारी वीसी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी ने गर्भगृह में भगवान बद्रीनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करते हुए सबके लिए मंगलमय की कामना की। पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी के नाम से की गई। इसके साथ ही ग्रीष्मकाल के लिए बद्रीनाथ के दर्शन शुरू हो गए है। कपाटोद्घाटन के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को 15 कुंतल फूलों से सजाया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट खुलने के शुभ अवसर पर समस्त श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के सकुशल संचालन हेतु राज्य सरकार ने तमाम व्यवस्थाएं की हैं।

हल्की बर्फबारी व बारिश के बीच सेना की टुकडी ने बैंड की मधुर धुन तथा स्थानीय महिलाओं के पारम्परिक संगीत व नृत्य के साथ भगवान बद्रीनाथ की स्तुति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों के अनुरूप बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर तीर्थ यात्रियों के स्वागत में हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा से श्रद्वालु गदगद हो उठे। कपाट खुलने के एक दिन पूर्व से ही बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पहले दिन ही हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ में अखंड ज्योति एवं भगवान श्री बद्रीनाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है।

बैकुंठ धाम में जुटने लगी श्रद्धालुओं की भीड

बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही भू-बैकुंठ धाम के आसपास तप्तकुंड, नारद कुंड, शेष नेत्र झील, नीलकंठ शिखर, उर्वशी मन्दिर, ब्रह्म कपाल, माता मूर्ति मंदिर तथा देश के प्रथम गांव माणा, भीमपुल, वसुधारा जल प्रपात एवं अन्य ऐतिहासिक व दार्शनिक स्थलों पर भी श्रद्वालुओं एवं पर्यटकों की भीड जुटने लगी है।

कब कितने यात्री पहुंचे बद्रीनाथ

विगत वर्षो में लाखों श्रद्वालु बद्रीनाथ की यात्रा कर चुके है। पिछले आंकडों पर नजर डाले तो वर्ष 2016 में 6,54,355 वर्ष 2017 में 9,20,466 तथा वर्ष 2018 में 10,48,051 वर्ष 2019 में 12,44,993 तथा वर्ष 2020 में 1,55,055 श्रद्वालु बद्रीनाथ पहुंचे। वर्ष 2021 में कोरोना संकट के कारण 1,97,997 श्रद्वालु ही बदीनाथ पहुंचे। जबकि कोरोना महामारी पर नियंत्रण के बाद विगत वर्ष 2022 में 17,63,549 श्रद्वालु बद्रीनाथ धाम पहुंचे। इस बार शुरूआत में ही रिकार्ड पंजीकरण के साथ बडी संख्या में श्रद्वालु बदरीनाथ पहुंच रहे है।

कपाटोद्घाटन के अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना, पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र डोबाल, सीडीओ डा.ललित नारायण मिश्र, एडीएम डा. अभिषेक त्रिपाठी, बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेन्द्र सिंह, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, ईओ सुनील पुरोहित आदि सहित मंदिर संमिति के अन्य पदाधिकारी, सदस्य, हकहकूकधारी एवं भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।

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Hill Mail

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