Home उत्तराखंड न्यूज़ पहाड़ से मैदान तक बदला मौसम का मिजाज, चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालु बरतें सावधानी
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बररुद्रप्रयाग

पहाड़ से मैदान तक बदला मौसम का मिजाज, चारधाम यात्रा करने वाले श्रद्धालु बरतें सावधानी

चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं का भारी हुजूम देखने को मिल रहा है। साथ ही इस बार मौसम भी काफी परेशान कर रहा है। यहां पर आने वाले 2-3 दिनों तक हिमालयी क्षेत्रों में बारिश एवं हिमपात की संभावना जताई गई है। सभी यात्रियों से अपील की जा रही है वह अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए अपनी यात्रा करें।

डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा अगले 2-3 दिनों तक अलर्ट किया गया है तथा उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बारिश एवं हिमपात की संभावना के दृष्टिगत केदारनाथ धाम में दर्शन करने आ रहे तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत अपील की है कि मौसम ठीक होने तक जो यात्री जिस स्थान पर हैं उसी स्थान पर रहें तथा रुक-रुक कर यात्रा करें एवं अन्य स्थान में दर्शन करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में केदारनाथ धाम में लगातार बर्फवारी हो रही है तथा यात्रा को नियंत्रित किया जा रहा है तथा सोनप्रयाग से 10ः30 बजे के बाद यात्रियों को केदारनाथ जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। उन्होंने सभी यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि सभी यात्री अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए जिला प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने सभी यात्रियों से अपेक्षा की है कि मौसम ठीक होने पर ही केदारनाथ की यात्रा शुरू करें।

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने सभी चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों से आग्रह किया है कि वह मौसम की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करें। जिससे कि उनको रास्ते में परेशानी न हो। यहां पर मौसम लगातार बदल रहा है जिससे यात्रियों को कई जगहों पर रोका भी जा रहा है जिससे कि चारधाम में ज्यादा भीड़भाड़ न हो और बारिश में भी श्रद्धालु सही तरह से दर्शन कर सकें।

केदारनाथ यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार की कोई क्रूरता न हो तथा बीमार एवं कमजोर घोड़े-खच्चरों का संचालन यात्रा मार्ग में न हो तथा घोड़े-खच्चरों को गरम पानी मुहैया कराने एवं उनकी निरंतर निगरानी की जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष रावत ने बताया है कि डीएम के निर्देशन में यात्रा मार्ग में संचालित होने वाले घोड़े-खच्चरों के साथ किसी प्रकार से कोई पशु क्रूरता न हो उसकी निगरानी के लिए 30 सदस्यीय म्यूल टास्क फोर्स तैनात की गई है तथा घोड़े-खच्चरों चिकित्सा सुविधा हेतु 7 पशु चिकित्सकों एवं 6 पैरावेट की तैनाती की गई है। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि नियमों का पालन न करने वाले 61 घोड़े-खच्चरों व मालिकों का चालान किया गया है तथा यात्रा में संचालित न किए जाने वाले 32 घोड़े-खच्चरों को ब्लॉक किया गया है तथा दो व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

श्री केदारनाथ धाम में साफ-सफाई व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। सहायक निदेशक शहरी विकास विनोद कुमार ने बताया है कि केदारनाथ धाम में आज नगर पंचायत केदारनाथ, सुलभ संस्था एवं व्यापार संस्था के सहयोग से विशेष साफ सफाई एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एक बैठक बेसकैंप के व्यापारियों तथा टेंट संचालकों के साथ की गई जिसमें बेसकैंप व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुलदीप रावत, नगर पंचायत केदारनाथ से मुकेश ने प्रतिभाग किया जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, साफ सफाई, उत्तराखंड कूड़ा फेंकना एवं थूकना प्रतिषेध अधिनियम 2016 की जानकारी सभी व्यापारियों को दी गई। सभी की सहमति से निर्णय लिया गया कि सभी होटल एवं टेंट संचालक गीला तथा सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्रित करेंगे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

उत्तराखंड में दिव्यांग युवाओं के लिए मुफ्त सिविल सेवा कोचिंग योजना शुरू, UPSC-UKPSC की करेंगे तैयारी

उत्तराखंड सरकार ने दिव्यांग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें प्रशासनिक सेवाओं...