Friday , 4 September 2026
Home ताज़ा ख़बर 15 सितंबर, 2023 तक कर सकते हैं पद्म पुरस्कार-2024 के लिए नामांकन
ताज़ा ख़बरसरोकार

15 सितंबर, 2023 तक कर सकते हैं पद्म पुरस्कार-2024 के लिए नामांकन

पद्म पुरस्कार, अर्थात पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल हैं। वर्ष 1954 में स्थापित, इन पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। इन पुरस्कारों के अंतर्गत ‘उत्कृष्ट कार्य’ के लिए सम्मानित किया जाता है तथा ये कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि जैसे सभी क्षेत्रों/विषयों में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों/सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं। सभी लोग इन पुरस्कारों के पात्र हैं चाहे उनका कोई पंथ, व्यवसाय, पद या लिंग हो। चिकित्सकों और वैज्ञानिकों को छोड़कर अन्य सरकारी सेवक, जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में काम करने वाले सरकारी सेवक भी शामिल है, पद्म पुरस्कारों के पात्र नहीं हैं।

सरकार पद्म पुरस्कारों को “पीपल्स पद्म” बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अतः, सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे नामांकन/सिफारिशें करें। नागरिक स्वयं को भी नामित कर सकते हैं। एक व्याख्यात्मक प्रशस्ति-पत्र (अधिकतम 800 शब्द) भी जिसमें अनुसंशित व्यक्ति की संबंधित क्षेत्र/विषय में विशिष्ट और अनन्य उपलब्धियों/सेवाओं का स्पष्ट उल्लेख हो, प्रस्तुत किया जाए।

महिलाओं, समाज के कमजोर वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों, दिव्यांग लोगों तथा समाज की निःस्वार्थ सेवा करने वाले लोगों में से उन प्रतिभावान व्यक्तियों की पहचान हेतु मिलकर प्रयास किये जाये, जिनकी उत्कृष्टता और उपलब्धियां वास्तव में सम्मान की हकदार हैं।

इस संबंध में और विस्तृत विवरण गृह मंत्रालय की वेबसाइट (https://mha.gov.in) पर ‘पुरस्कार और पदक’ शीर्षक के अंतर्गत और पद्म पुरस्कार पोर्टल (http://admaawards.govin) पर उपलब्ध हैं। इन पुरस्कारों से संबंधित संविधि और नियम वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक https://padmaawards.gov.in/AboutAwards.aspx पर उपलब्ध हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...