Friday , 4 September 2026
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बोले सीएम धामी राज्य के चार जिलों में 50-50 किलोमीटर के साइकिल ट्रैक बनाये जायेंगे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घोषणा की कि राज्य के चार जनपदों देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर एवं नैनीताल में 50-50 किमी के साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे एवं 9 जनपदों में यथा संभव साईकिल ट्रैक बनाये जायेंगे। राज्य में स्प्रिंग व रिवर रिजुवनेशन बोर्ड बनाया जायेगा। सभी 13 जनपदों में स्वच्छता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली एक-एक ग्राम पंचायत को पुरस्कृत किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास से वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों की बैठक लेते हुए निर्देश दिये कि जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए नियमित जन जागरूकता अभियान चलाये जाए और इस दिशा में विभिन्न विभागों के माध्यम से लगातार कार्य किये जाएं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान के लिए जन सहयोग भी लिया जाए। उन्होंने कहा कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को शुद्ध जल, हवा, मिट्टी एवं पर्यावरण मिले, इसके लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को ध्यान देना होगा। वैश्विक तापमान में वृद्धि एवं जल स्तर का नीचे जाना सभी के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रदेश का अधिकांश क्षेत्र वनों से आच्छादित है, वनों के संरक्षण के लिए हमें इससे होने वाले फायदे को लोगों की आजीविका से जोड़ना होगा जिससे इकोलॉजी पर आधारित रोजगार को बढ़ाना होगा।

उन्होंने कहा कि मिट्टी को बचाने के लिए हमें 5 प्रमुख बातों पर फोकस करना होगा। मिट्टी को केमिकल फ्री कैसे बनाएं। मिट्टी में जो प्राकृतिक जैविक खाद के रूप में काम आने वाले जीव रहते हैं, हम उन्हें कैसे बचाएं। मिट्टी की नमी को कैसे बनाए रखें और उस तक जल की उपलब्धता कैसे बढ़ाएं। भूजल कम होने की वजह से मिट्टी को जो नुकसान हो रहा है, उसे कैसे दूर करें। वनों का दायरा कम होने से मिट्टी का जो लगातार क्षरण हो रहा है, उसे कैसे रोकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने का बहुत बड़ा अभियान चलाया, जिससे किसानों को काफी लाभ हुआ।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में पिछले 9 साल से जो भी प्रमुख विकास योजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी में किसी न किसी रूप से पर्यावरण संरक्षण की बात होती है, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन के तहत शहरों में आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण, सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्ति का अभियान हो या फिर नमामि गंगे के तहत गंगा स्वच्छता का अभियान हो, पर्यावरण रक्षा के क्षेत्र में हमारे देश के प्रयास बहुआयामी रहे हैं। जल संरक्षण की दिशा में देशभर में अमृत सरोवर की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व का विषय है कि राज्य को जो 975 अमृत सरोवर बनाने का लक्ष्य मिला था, उसके सापेक्ष अब तक करीब 1092 अमृत सरोवरों का निर्माण किया जा चुका है।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। यह चुनौती पूरे विश्व की है। उन्होंने कहा कि जिस तेज गति से भौगोलिक एवं जलवायु परिवर्तन हो रहा है, यह चिंता का विषय है। राज्य में पर्यटन आधारित गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, इसके दृष्टिगत भी हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक वृक्षारोपण एवं स्वच्छता की दिशा में और प्रयास करने होंगे। जल स्रोतों के पुनर्जीवीकरण की दिशा में विशेष प्रयास करने होंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए जन सहभागिता को बढ़ाना होगा, इसमें जनपदों में जिलाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि वन सम्पदाओं को लोगों की आजीविका से जोड़ना जरूरी है। वन पंचायतों को मजबूत बनाना जरूरी है, लाखों लोग इससे जुड़े होते हैं।

बैठक के दौरान जिलाधिकारियों ने जनपदों में पर्यावरण संरक्षण के लिए किये जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पूर्व उड़ीसा के बालासोर में हुई रेल दुर्घटना में मृतकों के प्रति शोक संवेदना प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया।

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