Friday , 4 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ पर्यावरण संरक्षण से हमें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलता है
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बररुद्रप्रयाग

पर्यावरण संरक्षण से हमें स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिलता है

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर माननीय जिला जज/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रूद्रप्रयाग, श्रीकांत पांडेय ने न्यायालय परिसर में वाटर बुश का पौधा रोपित करते हुए कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि सतत विकास पर्यावरण की रक्षा की परिकल्पना करता है, जो मानव अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकार-आधारित दृष्टिकोण अपनाने से यह सुनिश्चित होता है कि हर प्राणी, अपनी पृष्ठभूमि या परिस्थितियों की परवाह किए बिना, स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में रह सके।

जिला जज/अध्यक्ष के नेतृत्व में न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण, कर्मचारीगण एवं वन विभाग के कर्मचारी गणों द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया जिसमें वन विभाग से उपलब्ध कराये गये विभिन्न वृक्षों जिसमें आवला, मोरपंखी, बॉटल बुश आदि वृक्षों का वृक्षारोपण किया गया। इसके अतिरिक्त विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रूद्रप्रयाग में कार्यरत पीएली (पराविधिक स्वयं सेवक) द्वारा अपने-अपने ग्राम विधिक सेवा समिति के अन्तर्गत वृक्षारोपण किया गया।

इस अवसर पर सचिव सिविल जज (सीडि) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रवि रंजन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश कुमार व्यास, न्यायिक मजिस्ट्रेट पारुल थपलियाल, सिविल जज (जूडि) जतिन मित्तल, जिला अध्यक्ष बार एसोसिएशन प्रदीप ंसिंह जगवाण, सहायक अभियोजन अधिकारी प्रमोद आर्य, उप वन क्षेत्राधिकारी संतोष वडवाल, वन बीट अधिकारी शिखा नेगी, भूपेश जोशी, कमलेश नेगी सहित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...