मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज यहां लोक भवन में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित लिपिकीय संवर्ग के कुल 1148 पुलिस कार्मिकों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में अवसर पर अपने विचार व्यक्त रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 35 नवचयनित पुलिस कार्मिकों को अपने कर कमलों से नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इन नवचयनित 1148 पुलिस कार्मिकों में 217 उपनिरीक्षक (गोपनीय), 587 सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) एवं 344 सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) सम्मिलित हैं। इन नवचयनित पुलिस कार्मिकों को प्रदेश के अन्य जनपदों में कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आज नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के सबसे बड़े सिविल पुलिस बल का हिस्सा बनना नवचयनित अभ्यर्थियों के लिए गौरवपूर्ण क्षण है। सभी नवचयनित पुलिस कार्मिक निष्पक्ष भाव से, ईमानदारी पूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करें। अपने कर्तव्यां का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन राष्ट्रीय कार्य है। उत्तर प्रदेश पुलिस बल के लिपिकीय संवर्ग भर्ती में प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अभ्यर्थी चयनित हुए हैं। बड़े पैमाने पर महिला अभ्यर्थियों का भी चयन हुआ है। इन महिला अभ्यर्थियों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि विगत 09 वर्षों में लोगों ने बदलते भारत को देखा है। वैश्विक मंच में भारत का सम्मान प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बढ़ा है। प्रधानमंत्री जी के नए भारत के सपने को पूरा करने में उत्तर प्रदेश को महती भूमिका है। 06 वर्ष पहले प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कार्य प्रारम्भ किए। विगत 06 वर्षों में लोगों ने बदलते उत्तर प्रदेश को देखा है। लेकिन 06 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश को प्रश्न प्रदेश के रूप में देखा जाता था। लोग उत्तर प्रदेश को समस्या देने वाले प्रदेश के रूप में मानने लगे थे। अब उत्तर प्रदेश के बारे में लोगों की धारण बदली है। आज उत्तर प्रदेश देश के ग्रोथ इंजन के रूप में कार्य कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने 02 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की घोषणा की थी। इसके अन्तर्गत वर्ष 2014 से वर्ष 2019 के मध्य 08 करोड़ शौचालय पूरे देश में और पौने तीन करोड़ शौचालय उत्तर प्रदेश में बनने थे। पहले ढाई वर्षों में उत्तर प्रदेश में मात्र 45 लाख शौचालय बनाए गए। प्रदेश सरकार ने मार्च, 2017 के बाद अतिरिक्त सहायता के बिना उन्हीं संसाधनों में शेष ढाई वर्षों की जगह डेढ़ वर्ष में 02 करोड़ 75 लाख से अधिक शौचालय प्रदेश के हर घर तक बनाने का कार्य किया। उत्तर प्रदेश के इस क्षमता का एहसास पूरे देश में किया।
उत्तर प्रदेश के परसेप्शन को बदलने में उत्तर प्रदेश पुलिस बल ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया है। प्रदेश सरकार ने बेहतर कानून व्यवस्था स्थापित की है। विगत 06 वर्षों में राज्य में एक भी दंगा नहीं हुआ। संगठित अपराध पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। प्रदेश में कोइ भी आतंकी घटना नहीं घटित हुई। राज्य में पर्व एवं त्योहार शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो रहे हैं। धर्म स्थलों से एक सप्ताह में 01 लाख 22 हजार से अधिक लाउड स्पीकर स्वतः स्फूर्त भाव से बिना विवाद के उतर गये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कें आवागमन के लिए होती हैं, न कि उपासना के लिए। अब प्रदेश में पर्व एवं त्योहारों में सड़कों में उपासना का कार्य नहीं होता। सड़क पर न ही नमाज होती है, न ही हनुमान चालीसा का पाठ। बहन-बेटियां स्वतंत्र भाव से अपने स्कूल जाती हैं। उत्तर प्रदेश का आम जनमानस यह परिवर्तन देख रहा है। आज उत्तर प्रदेश देश में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने विगत 06 वर्षों में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से साढ़े पांच लाख से अधिक युवाओं को आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए सरकारी नौकरी से जोड़ा है। विगत 06 वर्षों में बिना किसी प्रश्न चिन्ह के उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा कुल 01 लाख 56 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों का चयन किया जा चुका है। इसमें 22,500 से अधिक महिला पुलिस कार्मिक शामिल हैं। बोर्ड ने इस दौरान 01 लाख 29 हजार से अधिक प्रमोशन की कार्यवाही सम्पन्न की है। वर्तमान में 62 हजार से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती प्रक्रिया संचालित हैं। यह उसी प्रकार ईमानदारी पारदर्शिता एवं तकनीक का उपयोग करते हुए सम्पन्न की जाएं।


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