राजेश चन्द्र ने सिंगल यूज प्लास्टिक को को कम करने के लिए एक क्लासरूम एक्टिविटी करी क्योंकि वे क्लास में बच्चों के द्वारा फैलाए गए चिप्स आदि के प्लास्टिक रैपर का निस्तारण करना चाहते थे। वे चाहते थे कि हम सभी अपने द्वारा फैलाये गए कूड़े की जिम्मेदारी लें व एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएं।

उन्होंने अपने विद्यालय आर.एन.आई. इंटर कॉलेज भगवानपुर के कक्षा 8 के विद्यार्थियों को लेकर एक गतिविधि शुरू की जिसमे विद्यार्थियों को ईको ब्रिक्स बनाना सिखाया व बताया कि कैसे हम ईको ब्रिक्स की सहायता से नैनो प्लास्टिक व प्लास्टिक कचरे को इधर उधर फैलने से रोक सकते हैं।
प्लास्टिक अपने आप मे एक ऐसा प्रदूषण है जो प्रकति को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है। फिर चाहे वो धरती में मिलकर उसे ग्राउंड वाटर लेवल को प्रभावित करे या जल स्त्रोत से मिलकर उन्हें प्रदूषित करे। विद्यार्थियों ने इस बात की गहराई को समझते हुए अपनी कक्षा व घर के आसपास प्लास्टिक रैपर फेकना बन्द किया व उसकी जिम्मेदारी लेते हुए ईको ब्रिक्स बनाने शुरू किए।
लगभग 300 से ज्यादा ईको ब्रिक्स बना कर उन्होंने काफी मात्रा में प्लास्टिक को फैलने से रोक जिसके परिणाम स्वरूप भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून ने उनकी सराहना कर उन्हें शैक्षिक भृमण भी उपलब्ध करवाया जिस से उनकी रुचि पर्यावरण को लेकर और बड़े।

ये सारी क्लासरूम एक्टिविटी यू एन के पोर्टल पर प्रदर्शित की गई है ताकि इस से और लोग भी विश्व भर में प्रेरणा ले सके। राजेश के इस प्रयास के लिए सयुंक्त राष्ट्र संघ के विश्व सागर दिवस कार्यक्रम को होस्ट करने वाली न्यूयॉर्क स्तिथ संस्थान ओसनिक ग्लोबल ने भी उन्हें एक सराहना प्रत्र ईमेल के माध्यम से लिखा है जिसमें राजेश व उनके विद्यार्थियों के प्रयासों की सरहाना कर उन्हें और भी ऐसे प्रयास करने की शुभकामनाएं भेजी गई है।
भारतीय वन्य जीव संस्थान के निदेशक वीरेंद्र तिवारी, डीन डॉ रुचि बडोला व बाल गंगा प्रहरी कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. संगीता अंगोम ने शिक्षक के प्रयास की सरहाना कर शुभकामनाएं प्रेषित की व विद्यालय के प्रधानाचार्य अशोक कुमार शर्मा ने भी राजेश के नवाचारों व प्रतिभागी छात्र छात्राओं के प्रतिभाग के लिए बधाई प्रेषित कर हर्ष व्यक्त किया।


Leave a comment