अपने संबोधन में कुलपति डा. मनमनोहन सिंह चौहान ने बताया कि इस विश्वविद्यालय ने हरित क्रांति को जन्म दिया और अब वातावरण की चुनौतियों हेतु जीन क्रांति की आवश्यकता है और इसके लिए सभी संकाय सदस्यों को दृढता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। वैज्ञानिक अपने स्तर से विज्ञान के क्षेत्र में अधिक से अधिक योगदान कर सके इसका प्रयास करना चाहिए। विश्वविद्यालय द्वारा नयी तकनीक, शोध, प्रसार कर कृषकों तक पहुंचायी जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि डा. मुकेश गौतम एवं अन्य 1972 बैच के एल्यूमिनाई को विश्वविद्यालय के प्रति लगाव है और वे विश्वविद्यालय के सहयोग के लिए तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि हमें आगे आने वाली चुनौतियों का समाना करने हेतु तैयार रहना होगा। उन्होंने तीन पी (पेटेंट, प्रोडक्ट एवं पब्लिकेशन) पर ध्यान केन्द्रित करने की भी आवश्यकता पर बल दिया।

विश्वविद्यालय द्वारा शोध के माध्यम से नयी तकनीकों का विकास कर प्रसार द्वारा किसानों के पास पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रही है और देश एवं विदेशों में सर्वाेच्च पदों पर असीन हो रही है।
कार्यक्रम में कुलपति ने सभी विद्यार्थियों से विश्वविद्यालय नियमानुसार कार्य करने हेतु संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। सचिव, एल्यूमनी अल्मामेटर एडवांसमेंट एसोशिएशन (4ए) डा. जे.पी. जायसवाल ने 64वें स्थापना दिवस पर विभिन्न अवार्ड के बारे में बताया जिनमें 3 विद्यार्थियों को आशा किरण स्कालरशिप; 10 विद्यार्थियों को बिजय के. सिंह गो फार द गोल्ड अवार्ड, 3 विद्यार्थियों को 1972 एग्रीकल्चर बैच स्कालरशिप तथा एक विद्यार्थी को प्रो. गजेन्द्र सिंह आल राउण्ड बेस्ट अवार्ड प्रदान किया जा रहा है।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही तीसरी इंटर कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी वाद-विवाद प्रतियोगिता हिन्दी एवं अंग्रेजी भाषा में विजित विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया तथा तीसरी इंटर कॉलेजिएट यूनिवर्सिटी वाद-विवाद प्रतियोगिता हिन्दी भाषा में प्रौद्योगिक महाविद्यालय एवं अंग्रेजी भाषा में कृषि महाविद्यालय को चौपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गयी।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डा. बृजेश सिंह ने सभी उपस्थितजनों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक, महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, निदेशकगण, संकाय सदस्य, एल्यूमिनाई, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।


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