Friday , 4 September 2026
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साध्वी ऋतंभरा के षष्ठिपूर्ति महोत्सव में शामिल हुए सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि साध्वी ऋतंभरा का व्यक्तित्व अद्भुत और कृतित्व अकल्पनीय है। उनकी वात्सल्य शक्ति से न जाने कितनी बच्चियों को प्रेरणा और नया जीवन मिला। उनसे सदैव वात्सल्य और ममता का सानिध्य प्राप्त होता हे।

उन्होंने कहा कि साध्वी ऋतंभरा के स्नेह और आशीर्वाद से उन्हें व्यक्तिगत रूप से हमेशा लोगों की सेवा करने की शक्ति मिलती है। वे स्वयं उनसे सबसे पहले तब प्रभावित हुए थे जब उनके मुखारबिंदु से श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय प्रखर उद्बोधन सुना था। उनके ओजस्वी उद्बोधन ने लाखों लोगों को हृदय की गहराइयों तक प्रभावित किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 22 जनवरी को करोड़ों देशवासियों का रामलला को उनकी जन्मस्थली पर विराजमान करने का संकल्प पूर्ण होने जा रहा है। आज रामलला उस समय अपने जन्मस्थान में विराजमान हो रहे हैं, जब भारत दुनिया की पांचवी अर्थव्यवस्था बन चुका है, सनातन संस्कृति का परचम चारों ओर लहरा रहा है, चाँद पर भारत का चंद्रयान उतर चुका है, सूर्य के चारों ओर आदित्य एल वन चक्कर लगा रहा है।

उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व, भारत की बात कर रहा है, सनातन का भगवा ध्वज चारों ओर फिर से लहरा रहा है, हम दुनिया को कोरोना की मुफ्त वैक्सीन प्रदान करने में सक्षम हो चुके हैं, हम सफलतम जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता करने में सफल हुए हैं और जब हमारे देश के नेतृत्व का लोहा सारे विश्व के नेता मान रहे हैं, यही नहीं प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश पहली बार गुलामी की मानसिकता से बाहर आने में सफल हुआ है।

आज काशी में बाबा विश्वनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर का बनना, उज्जैन में महाकाललोक कॉरिडोर का बनना, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का सौंदर्यीकरण होना, केदारनाथ तथा हेमकुन्ट साहिब के लिये रोपवे का निर्माण इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आज हमारे मंदिरों का ही नहीं बल्कि हमारी संस्कृति का भी संरक्षण और संवर्धन हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले न तो राम मंदिर बना पाते, न धारा 370 हटा पाते और न ही तीन तलाक हटा पाते। यह प्रधानमंत्री मोदी की ही क्षमता है जो बिना झुके, थके, व डिगे अपने कर्तव्यपथ पर आगे बढ़ते ही रहे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की प्रेरणा से ही वे भी बिना थके, बिना डिगे उत्तराखंड की जनता की सेवा कर रहे हैं। उत्तराखंड में विगत ढाई वर्षों में अनेक ऐसे महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय हमने लिए हैं, जो विगत 23 वर्षों में संभव नहीं हो पाये थे।

हमने एक ओर जहां उत्तराखंड में देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया, वहीं धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून बनाया, प्रदेश में पहली बार लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई कर पांच हजार हेक्टेयर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त किया गया है।

भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी पहली बार कार्रवाई करने से हम पीछे नहीं हटे, यही नहीं अब हम देवभूमि में समान नागरिक आचार संहिता को भी लागू करने की तैयारी कर रहे हैं, शीघ्र ही इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जायेगा। उत्तराखंड देवभूमि है, हमारी देवभूमि का मूल स्वरूप बना रहे इस दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये हैं।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित जन समूह से अनुरोध किया कि यहां से हम अपने संतों का आशीर्वाद पाकर भगवान श्री राम को स्वयं में धारण करने की यात्रा पर आगे बढ़ें, राम को स्वयं में धारण करने के लिए प्रेम से बढ़कर कोई दूसरा मार्ग नहीं है। राम चरित मानस में कहा भी गया है ‘रामहि केवल प्रेम पियारा’ उन्होंने कहा कि यह तभी संभव होगा जब हम श्री राम और श्री कृष्ण को मानने के साथ साथ उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण भी करेंगे।

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