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उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरपौड़ी गढ़वालसरोकार

यूपी में 18 आईपीएस अफसरों के तबादले, झांसी के डीआईजी बनाए गए कलानिधि नैथानी

उत्तर प्रदेश राज्य के जनपद अलीगढ़ में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी कलानिधि नैथानी का प्रमोशन हो गया है। उन्हे अब एक स्टार और लगाया गया है और पुलिस उप महानिरीक्षक की रैंक दी गई है।  मुजफ्फरनगर में तैनात एसएसपी संजीव सुमन को अलीगढ़ का नया एसएसपी बनाया है। संजीव सुमन – 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मूल रूप से बिहार के खगड़िया जनपद के निवासी है। वह पिछले एक साल से मुज्जफरनगर के एसएसपी का जिम्मा संभाल रहे थे।

अलीगढ़ में वर्ष 2021 से तैनात कलानिधि नैथानी को पदोन्नति के बाद नई तैनाती का इंतजार था। तीन वर्ष तक यहां कई चुनौती पूर्ण घटनाओं का उन्होंने बेहद सटीक अनावरण किया। कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर प्रदेश के सबसे चर्चित जहरीली शराब कांड प्रकरण हो।

तेजतर्रार आईपीएस कलानिधि नैथानी इससे पहले गाजियाबाद के एसएसपी का पद संभाल चुके हैं उन्होंने उस समय कहा था कि बदमाशों से सख्ती से निपटा जाएगा। उन्होंने साल के खत्म होने से पहले अपनी इस बात को सही साबित करके दिखाया था। लखनऊ से गाजियाबाद भेजे गए एसएसपी नैथानी ने सीएम योगी आदित्यनाथ के भरोसे पर खरा उतरते हुए अच्छे नतीजे दिए थे।

दंगों के दौरान जिले को बचाया

गाजियाबाद में लगभग एक वर्ष की तैनाती में उन्होंने दिल्ली दंगों के दौरान अपने जिले को दंगों की आग से बचाया। लॉकडाउन के दौरान जब भारी संख्या में प्रवासी मजदूर जनपद से गुजरे तो बहुत ही मानवीय तरीके से गाजियाबाद पुलिस ने स्थिति को संभाला। लखनऊ में आईपीएस नैथानी का कार्यकाल डेढ़ साल लंबा रहा, जिसमें उन्होंने कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स सकुशल संपन्न करवाए गए। उनके कार्यकाल में पहली बार ऐसा हुआ कि 2 साल तक लखनऊ में मोहर्रम का जुलूस बिना किसी शिकायत अथवा मुकदमे के संपन्न हुआ।

2010 बैच के आईपीएस नैथानी कड़क अनुशासन, व्यवस्थित तरीके से अपराध पर नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं। गाजियाबाद में उनके निर्देश पर पुलिस द्वारा बरती जा रही सख्ती का ही असर है कि साल 2020 में वाहन चोरी की घटनाएं आधी रह गई हैं। साल 2019 में जहां गाजियाबाद में 3204 गाड़ियों की चोरी हुई, वहीं साल 2020 में यह संख्या घटकर 1411 हो गई। यही नहीं पुलिस ने चोरी हुई आधी गाड़ियां बरामद भी की हैं।

गाजियाबाद पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के खिलाफ जोरदार मुहिम चला रखी है, इसके चलते बड़ी संख्या में वाहन चोर पकड़े गए हैं। यही नहीं एसएसपी नैथानी ने जिले में सक्रिय अपराधियों के आर्थिक स्रोतों की जांच भी शुरू कर दी है। गाजियाबाद में टॉप-100 बदमाशों की लिस्ट तैयार की जा रही है, इसके बाद इन सभी की संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त किया जाएगा। एसएसपी नैथानी ने साल 2006 से 2020 के बीच गाजियाबाद से लापता हुए 276 बच्चों में से 191 को ’ऑपरेशन खुशी’ के तहत बरामद करवाकर बड़ी मिसाल कायम की है।

अनुशासन, सहजता बनाती है खास

आईपीएस अधिकारी कलानिधि नैथानी मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं। उनकी सहजता उन्हें अलग धारा में खड़ा करती है। अपराध और अपराधियों के खात्मे के लिए कलानिधि नैथानी कोई ना कोई मुहिम चलवाते रहते हैं। उनके एक बहुचर्चित अभियान’ ऑपरेशन निहत्था’ ने ऐसे अपराधियों की कमर तोड़ी जो अवैध अथवा वैध हथियारों का आतंक दिखाकर अपराधिक वारदातों को अंजाम देते रहे हैं। उन्होंने हाईस्कूल की पढ़ाई पौड़ी, इंटरमीडिएट आर्मी स्कूल मथुरा और इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन बीटेक की पढ़ाई पंतनगर से की है। उन्होंने पुलिस प्रबंधन में उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से एमबीए भी किया है। एसएसपी कलानिधि नैथानी को उनकी बेटी ने और पत्नी – दीप्ति चंदोला, आईआरएस (अपर आयकर आयुक्त, नई दिल्ली) ने नए अलंकरण से सुशोभित किया।

सी-डॉट में रिसर्च इंजीनियर रहे

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने इससे पहले भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर में वैज्ञानिक अधिकारी, भारत सरकार के सी-डॉट (सेंटरफॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स) बेंगलुरू एवं दिल्ली में पांच साल तक रिसर्च इंजीनियर रह चुके हैं। इसके अलावा वह एसएसपी अलीगढ़, एसएसपी गाजियाबाद, एसएसपी लखनऊ, एसएसपी बरेली, एसपी पीलीभीत, एसपी कन्नौज, एसपी फतेहपुर, एसपी मीरजापुर, कमांडेंट 38 पीएसी अलीगढ़, कमांडेंट 9 पीएसी मुरादाबाद, पुलिस अघीक्षक पुलिस मुख्यालय तथा एएसपी कुंभ मेला और एएसपी सहारनपुर भी रहे हैं।

उनकी मां देहरादून में राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्या हैं, वहीं पिता सेवानिवृत प्रोफेसर हैं। उनकी पत्नी आयकर विभाग दिल्ली में संयुक्त आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। बड़े भाई थल सेना में अधिकारी हैं।

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Hill Mail

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