गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर छह कीर्ति चक्र और 8 शौर्य चक्र सहित कई वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दे दी है। कीर्ति चक्र अशोक चक्र के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जबकि शौर्य चक्र शांतिकाल का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।

उत्तराखंड के लाल लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह को परम विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जायेगा। वह इस समय सेना के दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ हैं और पिछले 40 सालों से सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।उन्होंने दो साल पहले 1 नवंबर 2022 को सेना के दक्षिणी कमान की बागडोर संभाली थी। यह भारतीय सेना की सबसे बड़ी और पुरानी कमान है, जिसकी जिम्मेदारी के क्षेत्र में 11 राज्य और चार केंद्र शासित प्रदेश हैं। उन्हें उनकी सैन्य सेवाओं के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। सैन्य प्रशिक्षण और ऑपरेशंस में लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह का अनुभव बेहद विस्तृत है और उन्होंने शांत और अशांत सभी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दी हैं।
लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह ने दिसंबर 1984 में 7/11 गोरखा राइफल्स में नियुक्त किया गया था। उनके पास उग्रवाद विरोधी क्षेत्र, आतंकवादी ग्रसित क्षेत्र और बर्फीले इलाकों सभी प्रकार के ऑपरेशन का व्यापक अनुभव है। सियाचिन के हिमाच्छादित क्षेत्र से लेकर रेगिस्तान तक उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर 1/11 गोरखा राइफल्स, पश्चिमी थिएटर में एक विशिष्ट ब्रिगेड, कश्मीर घाटी में फ्रंटलाइन काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स और उत्तर पूर्व में त्रिशक्ति कोर की कमान संभाली हुई है। लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह को उनकी सेवाओं के लिए अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल मिला है।

इसके अलावा असम राइफल्स के आईजी नार्थ मेजर जनरल विकास लखेड़ा को अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जायेगा। मेजर जनरल विकास लखेड़ा अभी लेफ्टिनेंट जनरल अप्रुव हुए हैं। लेफ्टिनेंट विकास लखेड़ा जनरल इस समय असम राइफल्स के इंस्पेक्टर जनरल (नॉर्थ) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्हें 5 जून 2022 को आईजीएआर (नॉर्थ) नियुक्त किया गया था। उन्होंने 9 जून, 1990 को भारतीय सेना की सिख लाइट इंफैंट्री में कमीशन लिया। वह संघर्षविराम से पूर्व नगालैंड में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें जम्मू-कश्मीर और असम में आतंकवाद विरोधी अभियानों की योजना बनाने और संचालन का व्यापक अनुभव है। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला में डिविजनल ऑफिसर और सामरिक प्रशिक्षण अधिकारी, जीओसी-इन-सी के सैन्य सलाहकार, मुख्यालय पूर्वी कमांड, स्टाफ ऑफिसर और सेना प्रमुख के उप सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा को उनकी बेहतरीन सेवा के लिए सेना मेडल, चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ कमेंडेशन कार्ड और दो जीओसी-इन-सी कमेंडेशन कार्ड से सम्मानित किया गया है।
रक्षा मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड के लाल मेजर दिग्विजय सिंह रावत को कीर्ति चक्र पुरस्कार दिये जाने की घोषणा की है वह पैराशूट रेजिमेंट (विशेष बल) की 21वीं बटालियन के हैं। इसके अलावा इन्फेट्री के मेजर जनरल दिनेश सिंह बिष्ट को विशिष्ट सेवा मेडल, महार रेजीमेंट के बिग्रेडियर बनित सिंह नेगी को युद्ध सेवा मेडल, मद्रास रेजीमेंट के कर्नल जयदेव सिंह असवाल को वीएसएम, ले कर्नल अभिशेख जोशी को सेना मेडल से सम्मानित किया जायेगा।


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