उत्तराखंड में कृषि की अनेक संभावनाएं हैं इसको सही तरीके से विकसित करने के लिए सरकार अनेक प्रयास कर रही है। जिससे कि यहां रहने वाले किसानों को इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा हो और इनकी आमदनी में भी बढ़ोतरी हो।
इसी बात को ध्यान में रखते हुए टिहरी के सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने हाल ही में तहसील देवप्रयाग के भद्रासु और झन्नू गांवों का दौरा किया, जहां उन्होंने एक क्षेत्रीय विकास बैठक की अध्यक्षता की जिसमें स्थानीय उन्नति और स्थायी कृषि प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
लखनऊ के एमसीबी एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक एम.पी. भट्ट और पुष्पा भट्ट के साथ उन्होंने गांवों में अपने व्यापारिक परिचालनों का कुछ भाग विस्तारित करने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की ताकि क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा दिया जा सके।
इस बैठक के दौरान डॉ. त्रिपाठी ने एम.पी. भट्ट और पुष्पा भट्ट के इस निर्णय की प्रशंसा की कि वे अपनी कुछ वाणिज्यिक गतिविधियों को अपनी पूर्वज संबंधी भूमि पर वापस ले जा रहे हैं, जिसे उन्होंने स्थानीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में उजागर किया। चर्चा में बांस की खेती की तकनीकों और सीडीओ द्वारा प्रस्तावित संरक्षण योजनाओं के संभावित लाभों पर विचार-विमर्श किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना था।
डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने स्थानीय उत्पादन के महत्व पर भी जोर दिया, जिसे बड़े पैमाने पर करने की आवश्यकता है। चंद्रबदनी मंदिर के स्थल पर देखी गई प्रदूषण, विशेष रूप से पीईटी बोतलों और प्लास्टिक पैकेजिंग से सीडीओ डॉ. अभिषेक त्रिपाठी को अवगत कराया गया। एमपी भट्ट और पुष्पा भट्ट ने इस समस्या को कम करने के लिए चर्चा की। उन्होंने तकनीक में सहायता और प्रदूषण से संबधित टेक्नीकल सोल्युसन में अपना समर्थन देने का वादा किया।
यह पहल स्थानीय नेतृत्व और समुदाय के सदस्यों द्वारा अच्छी कृषि प्रथाओं को बढ़ावा देने और अपने गांवों में पर्यावरणीय मुद्दों का सामना करने के लिए एक केंद्रित प्रयास को दर्शाता है।
पुष्पा भट्ट को आर्गेनिक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने के लिए पिछले साल ही उद्यान रत्न से सम्मानित किया जा चुका है। अमित सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के तत्वाधान में जलगांव महाराष्ट्र में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यह सम्मान प्राप्त किया। पुष्पा भट्ट काफी समय से छोटे किसानों को आर्गेनिक खेती के बारे में जागरूक कर रही हैं। इसके लिए उन्हें उद्यमिता रत्न से भी सम्मानित किया जा चुका है।
उपस्थित लोगों में बीडीओ वीरेंदर कजथैत, ग्राम विकास अधिकारी राजेंदर बलूनी और ग्राम प्रधान प्रतिनिधि हरीश भट्ट शामिल थे, जिन्होंने तकनीकी सहायता पर चर्चा की।


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