हिल-मेल ब्यूरो
उत्तराखंड की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है आने वाले सालों में वह आसानी से चारधामों की यात्रा कर पायेंगे। चारधाम विकास परियोजना के तहत रुद्रप्रयाग में 920 मीटर सुरंग बनाए जाने का रास्ता साफ हो गया है। ये सुरंग रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड के साथ-साथ ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को आपस में जोड़ेगी। सुरंग बनाने के लिए भारत सरकार की तरफ से हरी झंडी मिल गई है। रुद्रप्रयाग में आए दिन लगने वाले जाम से जूझ रहे लोगों को जाम से जल्द ही निजात मिलने वाली है।
चारधाम विकास परियोजना के तहत बन रही सुरंग का फायदा चारधाम यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी होगा। इस सुरंग के बन जाने से रुद्रप्रयाग में जाम लगना बंद हो जायेगा और इससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार भी होगा। सुरंग के लिए भारत सरकार की सैद्धांतिक स्वीकृति मिलने के बाद बीआरओ को डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दो महत्वपूर्ण राजमार्गों को आपस में जोड़ने वाली ये सुरंग उत्तराखंड में सबसे लंबी सुरंग होगी। रुद्रप्रयाग में जवाड़ी बाईपास पुल के पास ये सुरंग बनेगी जो दूसरे छोर पर रुद्रप्रयाग-चोपता-पोखरी मोटर मार्ग पर बेलणी आबादी क्षेत्र के पास निकलेगी। यहां अलकनंदा नदी पर पुल भी बनाया जिससे ये सुरंग बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएगी। सुरंग बनने से इलाके की आबादी को किसी तरह का खतरा नहीं होगा, बल्कि इससे मुख्य बाजार में लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
हालांकि बीआरओ-66 आरसीसी गौचर ने रुद्रप्रयाग में बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे को रुद्रप्रयाग में आबादी क्षेत्र से बाहर जोड़ने के लिए वर्ष 2008-09 में 900 मीटर सुरंग का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजा था।


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