Friday , 4 September 2026
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गंगोत्री धाम में भगीरथी नदी ने बरपाया कहर, दीवार तोड़कर आश्रम में घुसा पानी

लोकेंद्र सिंह बिष्ट उत्तरकाशी

डीएम डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने गंगोत्री धाम में भगीरथी नदी का जल स्तर बढ़ने से स्नान-घाटों के ऊपर नदी का पानी बहने के कारण संभावित खतरों को देखते हुए अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड उत्तरकाशी को तुरंत मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने और सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। इस संबंध में एक आदेश जारी करते हुए जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा है कि गंगोत्री में घाटों पर तात्कालिक सुरक्षा के उपाय करने के साथ ही इसके लिए मौके पर पर्याप्त संसाधनों की तैनाती कर वस्तुस्थिति के संबंध में नियमित रूप से सूचना उपलब्ध कराई जाये। जिलाधिकारी ने भागीरथी नदी के बहाव एवं आवश्यक सुरक्षा कार्यों के संबंध में भी दो दिनों के भीतर आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक को गंगोत्री में घाटों के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस व एसडीआरएफ कार्मिकों की तैनाती करते हुए चौबीसों घंटे निरंतर निगरानी रखे जाने को कहा है। जिलाधिकारी ने गंगोत्री नेशनल पार्क के उप निदेशक को भी गोमुख क्षेत्र में ग्लेशियर एवं नदी की नियमित निगरानी करवाते हुए जल स्तर के संबंध में हर दो घंटे में आपातकालीन परिचालन केन्द्र को सूचना भेजे जाने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन परिचालन केन्द्र से भी सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए गंगोत्री धाम की स्थिति पर निरंतर नजर रख मौके पर तैनात कार्मिकों को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं प्रशासन के द्वारा राजस्व कर्मियों को भी गंगोत्री में तैनात किया गया है।

उधर यमुनोत्री क्षेत्र में आज स्थिति सामान्य रही। जानकीचट्टी में शुभम होटल के पास अवरूद्ध सड़क मार्ग को खोल कर वहां फंसे यात्रा वाहनों को उनके गंतव्य के लिए रवाना करा दिया गया है। वहां पर करीब 40 मीटर सड़क नदी के कटाव से बह गई थी और इससे आगे विभिन्न पार्किंग स्थलों पर लगभग एक सौ छोटे-बड़े वाहन फंसे थे। इस हिस्से में कुछ निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर लोनिवि ने अस्थाई सड़क बनाने का काम दोपहर तक पूरा कर लिया था। जानकीचट्टी में पार्किंग से मलवा-पत्थर हटाने का काम जारी है और पानी के बहाव को मूल धारा की तरफ चैनलाईज करने के लिए मौके पर भारी मशीनों को भेजा गया है।

यूपीसीएल द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य कर क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन की मरम्मत कर यमुनोत्री धाम सहित यमुनोत्री पैदल मार्ग, जानकीचट्टी, खरसाली क्षेत्र में गत देर सायं को विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई थी। क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पेयजल लाईनों की मरम्मत के लिए जल संस्थान की टीम जुटी हुई है और अनेक जगहों पर जलापूर्ति बहाल कर दी गई है। उप जिलाधिकारी बड़कोट मुकेश चंद रमोला सहित राजस्व, लोनिवि, सिंचाई, जल संस्थान, जिला पंचायत, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा आदि विभागों के अधिकारी क्षेत्र में मौजूद रहकर आवश्यक सेवाओं की बहाली के अभियान में जुटे हैं।

गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी में अत्यधिक पानी और सिल्ट आने के कारण नदी का तल पर काफी सिल्ट व पत्थर जमा हो गया है और जल स्तर बढने से आज सुबह भी घाट जलमग्न हो गए थे। यहां पर एक आश्रम परिसर में भी नदी का पानी घुस गया था। सुरक्षा के दृष्टिगत वहां पर तैनात पुलिस एवं एसडीआरएफ के जवानों ने घाटों से यात्रियों व कांविड़यों को हटाने के साथ ही आश्रम में फंसे लोगों को भी सुरक्षित निकाला। सुरक्षा एहतियात बरतते हुए जल स्तर बढने की स्थिति में लोगों को घाटों से दूर रखने तथा आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों रोके रखने के लिए पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड एवं पीआरडी के जवानों को निर्देश जारी किए गए हैं और उन्हें निरंतर सतर्क रहकर ड्यूटी करने को कहा गया है। नदी के प्रवाह पर निंतर निगरानी रखी जा रही है।

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