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जीबी पंत विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने किया राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ

अपने सम्बोधन में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान द्वारा कुपोषण और एनीमिया से निपटने में पोषण शिक्षा तथा जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया गया। उन्होंने छात्रों के कल्याण हेतु पोषण विकल्पों एवं सक्रिय स्वास्थ्य प्रथाओं के माध्यम से सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की अधिष्ठात्री डॉ. अल्का गोयल द्वारा इस पहल का समर्थन किया गया एवं व्यापक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए पूर्ण माह चलने वाली गतिविधियों के महत्व पर प्रकाष डाला गया।

एक माह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना कुषवाहा तथा संकाय सदस्यों प्राध्यापक डॉ. अनुराधा दत्ता एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. नीतू डोभाल की देख-रेख में किया जा रहा है। विभाग द्वारा पोषण माह के प्रमुख विषयों जैसे एनीमिया, विकास निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी बेहतर प्रशासन की पहल, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण संरक्षण पर केन्द्रित गतिविधियों की श्रृंखला की योजना तैयार की गयी है।

इस कार्यक्रम श्रृंखला में 2 सितंबर 2024 को सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय में जागरुकता सत्र आयोजित किया गया। 14 सितंबर 2024 को, ‘एनीमिया से लड़ने के लिए उपर्युक्त व्यंजन’ शीर्षक पर एक रेसिपी प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी एवं अन्त में महाविद्यालय के रावे छात्रों द्वारा चार-दिवसीय स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। साथ ही साथ एक वार्षिक पहल ‘अपनी खाद्य संस्कृति को जानें’ का प्रारम्भ की गयी है, जिसका उद्देष्य उन खाद्य पदार्थों के बारे में जागरूकता लाना है जिनका सांस्कृतिक महत्व भी है।

केन्द्रीय सरकार द्वारा पोषण माह 2024 की थीम के अनुसार पौधारोपण अभियान, किशोर शिक्षा सत्र, समुदाय आधारित कार्यक्रम, पोषण कार्यशाला, नुक्कड़ नाटक तथा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए योग सत्र सम्मिलित है। सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय तथा खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग, राष्ट्रीय पोषण माह को एक परिवर्तनकारी अनुभव बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो न सिर्फ परिसर अपितु व्यापक समुदाय में स्वास्थ्य एवं कल्याण की संस्कृति को बेहतर बनाएगा।

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Hill Mail

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