केदारनाथ में होने वाले उपचुनाव में बीजेपी ने आशा नौटियाल पर फिर एक बार भरोसा जताया है। आशा नौटियाल केदारनाथ से बीजेपी की पूर्व विधायक भी रह चुकी हैं। आशा 2002 से लेकर 2012 तक केदारनाथ विधानसभा से विधायक रही हैं। इस बार केदारनाथ उपचुनाव में बीजेपी के लिए कैंडिडेट का चुनाव सबसे अहम था। बीजेपी के सामने इसके लिए शैलारानी रावत की बेटी ऐश्वर्या रावत, बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष आशा नौटियाल, कुलदीप रावत के साथ ही कर्नल अजय कोठियाल का नाम था। जिनमें से बीजेपी ने आशा नौटियाल पर भरोसा जताया है।

वर्ष 2016 में कांग्रेस से बगावत कर शैलारानी रावत भाजपा में शामिल हुई और उस समय भाजपा ने आशा नौटियाल का टिकट काटकर शैलारानी रावत को केदारनाथ से भाजपा का उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद आशा नौटियाल निर्दलीय चुनाव लड़ीं थी। जिसका सीधा फायदा तब कांग्रेस को हुआ था और उस समय मनोज रावत ने जीत हासिल की थी।
अब एक बार फिर आशा नौटियाल के सामने कांग्रेस ने मनोज रावत को अपना उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत कल 28 अक्टूबर, 2024 को जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस अवसर पर पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य समेत कई कांग्रेसी नेता शामिल होंगे।


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