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ट्रंप के टैरिफ से बाजार हलकान

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा से वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध छिडऩे की चिंता में विश्व बाजार में आई गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर आईटी, टेक, फोकस्ड आईटी, ऑटो और तेल एवं गैस समेत नौ समूहों में हुई भारी बिकवाली से गुरुवार को शेयर बाजार हलकान रहा।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ लगाने की घोषणा से वैश्विक स्तर पर व्यापार युद्ध छिडऩे की चिंता में विश्व बाजार में आई गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर आईटी, टेक, फोकस्ड आईटी, ऑटो और तेल एवं गैस समेत नौ समूहों में हुई भारी बिकवाली से गुरुवार को शेयर बाजार हलकान रहा। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 322.08 अंक का गोता लगाकर 76,295.36 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 82.25 अंक की गिरावट लेकर 23250.10 अंक पर बंद हुआ। हालांकि बीएसई की दिग्गज कंपनियों के विपरीत मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में लिवाली का रुख रहा।

इससे मिडकैप 0.31 प्रतिशत बढक़र 41,796.08 अंक और स्मॉलकैप 0.76 प्रतिशत की तेजी लेकर 47,494.11 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान बीएसई में कुल 4123 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2813 में तेजी जबकि 1169 में गिरावट रही वहीं 141 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह एनएसई में कुल 2963 कंपनियों में कारोबार हुआ, जिनमें से 2057 में लिवाली जबकि 829 में गिरावट रही वहीं 77 के भाव स्थिर रहे। वहीं, हैल्थकेयर 1.82, यूटिलिटीज 2.44 और पावर समूह के शेयर में 1.83 प्रतिशत तेजी रही।

भारत पर टैरिफ का दूसरे देशों के मुकाबले असर कम

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ लगाए जाने को लेकर भारतीय उद्योग जगत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इस शुल्क का दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत पर कम असर पड़ेगा। वाणिज्य एवं उद्योग संगठन एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर ने गुरुवार को कहा कि श्री ट्रंप द्वारा घोषित किए गए नए टैरिफ वैश्विक व्यापार और विनिर्माण मूल्य श्रृंखलाओं में एक बड़े रीअलाइनमेंट का कारण बन सकते हैं। हालांकि, भारत पर इन टैरिफ का प्रभाव अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अपेक्षाकृत कम होने की संभावना है।

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