Saturday , 5 September 2026
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बीकेटीसी ने संभाला हरिद्वार स्थित चंडी देवी मंदिर का कार्यभार

हरिद्वार। बुधवार को बीकेटीसी ने चंडी देवी मंदिर के प्रबंधन का चार्ज ले लिया गया है। बीकेटीसी सीईओ विजय थपलियाल अपनी टीम के साथ चंडी देवी मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने सबसे पहले चंडी देवी मंदिर के दर्शन किये। इसके बाद चंडी देवी मंदिर का कार्यभार ग्रहण किया।
इस दौरान बीकेटीसी के सीईओ विजय थपलियाल ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए बीकेटीसी की टीम ने चंडी देवी ने संचालन की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने अपने स्टाफ भी वहां पर बिठा दिया है। यह टीम साप्ताहिक रिपोर्ट हाईकोर्ट को देगी। फिलहाल उन्होंने चार स्टाफ की टीम चंडी देवी मंदिर में बिठाई है। बैठाई गयी यह टीम हर दिन की रिपोर्ट तैयार करेगी।
इस मामले में मंदिर के ट्रस्टी ने कहा कि उन्हे संरक्षक के तौर पर हाईकोर्ट की ओर से बीकेसीटी मिली है। इसके बाद मंदिर में सुविधाएं श्रद्धालुओं को मिलेंगी। इससे मंदिर का संचालन बेहतर तरीके से होगा। साथ ही नई व्यवस्थाओं की भी शुरुआत होगी।
बता दें हरिद्वार चंडी देवी मंदिर के तत्कालीन महंत रोहित गिरी पर बिना तलाक दूसरी शादी का आरोप था। इसके साथ महंत ने अपनी पहली पत्नी पर मंदिर में चोरी करने का आरोप लगाया था। जिसे लेकर मुकदमा भी दर्ज करवाया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ती राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने महंत की पहली पत्नी को अग्रिम जमानत दे दी थी। साथ ही इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तिथि नियत की गई है।
मामले के अनुसार महंत की पहली पत्नी ने अग्रिम जमानत के लिए उच्च न्यायलय में याचिका दायर की थी। जिसमें कहा गया कि उनका विवाह मंदिर में महंत के साथ हुआ। उसके बाद महंत ने उन्हें बिना बताए दूसरी शादी कर ली। उसके बाद वर्तमान में वे लिव इन में रह रहे हैं। जब उन्होंने इसका पता करवाया गया तो यह सब सही निकला। जिसपर उनके द्वारा एक प्राथमिकी दायर की गई। इसके बाद महंत ने मंदिर चोरी का मुकदमा उनके खिलाफ दर्ज करवा दिया। इसी को आधार मानकर उन्होंने उच्च न्यायलय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया था। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें राहत दी थी। कोर्ट ने कहा कि अग्रिम आदेश तक मंदिर का संचालन बदरी केदार मंदिर समिति कमेटी करेगी।

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Hill Mail

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