Friday , 4 September 2026
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उत्तराखंड न्यूज़पौड़ी गढ़वालसरोकार

शिक्षिकाओं की कमी से जूझ रहा बालिका विद्यालय, सरकार की नीतियों पर उठे सवाल

शिक्षिकाओं की अनुपस्थिति के चलते छात्राओं की संख्या लगातार घटती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति सरकार की लापरवाही को दर्शाती है।

यह विद्यालय, जो कभी क्षेत्र में शिक्षा का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, आज संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि कई विषयों के पद वर्षों से खाली हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्राओं को अन्य विद्यालयों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

वर्तमान में विद्यालय में छात्राओं की संख्या काफी कम हो गई है। राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कब तक ऐसे विद्यालय उपेक्षित रहेंगे।

शिक्षा विभाग द्वारा समय पर भर्ती न करना और योजनाओं का सही क्रियान्वयन न होना एक बड़ी समस्या बन गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की बदहाल स्थिति बेटियों के भविष्य पर सीधा प्रभाव डाल रही है।

स्थानीय जनता ने सरकार से जल्द से जल्द शिक्षिकाओं की नियुक्ति करने की मांग की है। अभिभावकों में भी इस स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है, जो उनके भविष्य के साथ अन्याय है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान भी जमीनी स्तर पर कमजोर नजर आ रहे हैं।

यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच सकता है। सरकार को चाहिए कि वह शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाए, ताकि बेटियों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

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Hill Mail

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