एक जून से पर्यटकों के लिए खुलेगी फूलों की घाटी, 500 से अधिक प्रजातियों के फूल करेंगे स्वागत

एक जून से पर्यटकों के लिए खुलेगी फूलों की घाटी, 500 से अधिक प्रजातियों के फूल करेंगे स्वागत

विश्व प्रसिद्ध और यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल फूलों की घाटी एक बार फिर प्रकृति प्रेमियों के स्वागत के लिए तैयार है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित यह अनमोल प्राकृतिक धरोहर आगामी एक जून से पर्यटकों के लिए खोल दी जाएगी। घाटी के खुलने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

हर वर्ष देश-विदेश से हजारों पर्यटक फूलों की घाटी की अद्भुत सुंदरता को देखने पहुंचते हैं। इस बार भी घाटी के खुलने को लेकर पर्यटकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। कई पर्यटक पहले ही चमोली जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों और हिल स्टेशनों में पहुंच चुके हैं तथा घाटी के द्वार खुलने का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में पर्यटक घाटी की प्राकृतिक छटा का आनंद लेने पहुंचेंगे।

फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ जैव विविधता और रंग-बिरंगे फूलों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इस वर्ष घाटी में 500 से अधिक प्रजातियों के फूल खिलने की संभावना है, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होंगे। स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अभी तक 50 से अधिक प्रजातियों के हजारों फूल खिल चुके हैं और आने वाले दिनों में फूलों की संख्या और विविधता तेजी से बढ़ेगी। मानसून के आगमन के साथ पूरी घाटी रंग-बिरंगे फूलों की चादर से ढक जाएगी।

इस बार फूलों की घाटी आने वाले पर्यटकों को फूलों के साथ-साथ बर्फ के सुंदर हिमखंडों का दुर्लभ नजारा भी देखने को मिलेगा। घाटी के घोसा नाले और लेगी नाले क्षेत्र में अभी भी छोटे-छोटे हिमखंड मौजूद हैं, जो प्राकृतिक सौंदर्य में चार चांद लगा रहे हैं। फूलों और बर्फ का यह अनूठा संगम पर्यटकों को एक यादगार अनुभव प्रदान करेगा।

वैली ऑफ फ्लावर्स नेशनल पार्क की रेंज ऑफिसर चेतना काण्डपाल ने बताया कि एक जून को विधिवत द्वार पूजन के बाद घाटी को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्क प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है। पार्क कर्मी नियमित गश्त कर रहे हैं ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और बेहतर अनुभव मिल सके।

उन्होंने बताया कि शीतकालीन बर्फबारी के कारण क्षतिग्रस्त हुए पैदल मार्गों की मरम्मत का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा रास्ते में आवश्यक स्थानों पर अस्थायी पुलियों का निर्माण भी कर दिया गया है, जिससे पर्यटकों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष एक जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। इस दौरान यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। घाटी में मिलने वाली दुर्लभ वनस्पतियां, रंग-बिरंगे फूल, हिमालयी जीव-जंतु और मनमोहक प्राकृतिक दृश्य इसे दुनिया के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक स्थलों में शामिल करते हैं।

स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों को भी इस बार पर्यटन सीजन से काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि घाटी खुलने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। प्रकृति प्रेमियों और ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए फूलों की घाटी इस बार भी एक अविस्मरणीय अनुभव लेकर आने को तैयार है।

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