Saturday , 5 September 2026
Home उत्तराखंड न्यूज़ LUCC घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन: मुंबई से दो और मास्टरमाइंड गिरफ्तार, निवेशकों की रकम लौटाने की तैयारी तेज
उत्तराखंड न्यूज़क्राइमदेहरादूनसरोकार

LUCC घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन: मुंबई से दो और मास्टरमाइंड गिरफ्तार, निवेशकों की रकम लौटाने की तैयारी तेज

करीब 800 करोड़ रुपये के इस चिटफंड घोटाले ने उत्तराखंड के लाखों निवेशकों को आर्थिक रूप से झकझोर दिया था। जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के महत्वपूर्ण सदस्य थे और मुख्य सरगना समीर अग्रवाल के साथ मिलकर निवेशकों से जुटाई गई रकम को फर्जी खातों में ट्रांसफर करने तथा विदेश भेजने में अहम भूमिका निभा रहे थे।

उत्तराखंड में फैला था ठगी का जाल
एलयूसीसी सोसायटी ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, चमोली, टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और नैनीताल समेत प्रदेशभर में लगभग 35 शाखाएं संचालित की थीं। लोगों को अधिक ब्याज, एफडी और आरडी योजनाओं का लालच देकर निवेश कराया गया। इसके लिए स्थानीय महिलाओं को एजेंट बनाया गया, जिन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों का भरोसा जीता।

घरेलू महिलाओं, किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी इस सोसायटी में निवेश कर दी। वर्ष 2024 में जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो कंपनी के कार्यालयों पर ताले लटक गए और संचालक फरार हो गए।

फिल्मी चेहरों के सहारे जीता विश्वास
जांच में सामने आया है कि कंपनी ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए सुनियोजित प्रचार अभियान चलाया था। खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त संस्था बताने के साथ-साथ कंपनी ने प्रसिद्ध फिल्म कलाकारों को ब्रांड एंबेसडर बनाकर प्रचार किया। बड़े चेहरों की मौजूदगी ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि संस्था पूरी तरह विश्वसनीय है, जिसके चलते हजारों परिवारों ने इसमें निवेश कर दिया।

पीड़ितों को पैसा लौटाने की कवायद
सीबीआई ने आरोपियों की कई अचल संपत्तियों का पता लगाया है। इन संपत्तियों का पूरा विवरण उत्तराखंड सरकार के वित्त सचिव को सौंप दिया गया है, जो बड्स एक्ट के तहत सक्षम प्राधिकारी हैं। एजेंसी ने इन संपत्तियों को कुर्क करने का अनुरोध किया है ताकि उन्हें बेचकर पीड़ित निवेशकों को उनकी रकम वापस दिलाई जा सके।

मुख्य सरगना अब भी फरार
घोटाले का मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल अभी भी विदेश में बताए जा रहे हैं। दोनों की तलाश के लिए जांच एजेंसियां लुकआउट सर्कुलर और अंतरराष्ट्रीय नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया में जुटी हैं। मामले में अब तक सात से अधिक आरोपी गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं।

बोट ब्रो घोटाले की जांच STF को सौंपने की तैयारी
इधर, उत्तराखंड में ही सामने आए बोट ब्रो क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रेडिंग घोटाले में भी बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी नवीन नेगी लगातार कंपनियों के नाम बदलकर लोगों को ठगता रहा। अनुमान है कि इस घोटाले का दायरा भी करीब 400 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस ने जांच को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सौंपने की सिफारिश की है। रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी जा चुकी है और अब आदेश का इंतजार किया जा रहा है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा है कि जैसे ही मामला एसटीएफ को हस्तांतरित होगा, तकनीकी और जमीनी स्तर पर व्यापक जांच शुरू कर दी जाएगी।

उत्तराखंड के इन दो बड़े वित्तीय घोटालों ने निवेशकों की सुरक्षा और वित्तीय जागरूकता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, सीबीआई और एसटीएफ की कार्रवाई से पीड़ितों में न्याय और धनवापसी की उम्मीद फिर से जगी है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

प्रेशर हॉर्न पर अब सख्ती, दूसरी बार पकड़े जाने पर ₹10 हजार चालान

उत्तराखंड में वाहनों में प्रेशर हॉर्न लगाने और उनका अनावश्यक इस्तेमाल करने...