मामले ने पूरे उत्तराखंड में चिंता बढ़ा दी है। चार दिन बीत जाने के बावजूद युवती का पता न चलने से परिजन बेहद परेशान हैं, जबकि पुलिस और बचाव एजेंसियां हर संभावित स्थान पर तलाश में जुटी हुई हैं।
विशाल क्षेत्र में चल रहा सघन खोज अभियान
दयारा बुग्याल ट्रैक के दुर्गम और विस्तृत इलाके में युवती की तलाश के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, वन विभाग, सेना और आईटीबीपी की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। मंगलवार को भी ड्रोन कैमरों और आधुनिक उपकरणों की मदद से कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
अधिकारियों के अनुसार ट्रैकिंग मार्ग के आसपास के जंगलों, ढलानों, जलस्रोतों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की गहन तलाशी ली जा रही है। खोज अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अतिरिक्त बल और संसाधन भी लगाए गए हैं।
तालाब के दलदली क्षेत्र पर भी फोकस
पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि स्थानीय लोगों ने जानकारी दी है कि ट्रैक के समीप स्थित एक तालाब में दलदली क्षेत्र मौजूद है। ऐसे में उस स्थान को भी संभावित दृष्टि से देखा जा रहा है। जल्द ही विशेष टीम बनाकर तालाब और उसके आसपास के क्षेत्र की गहन जांच की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, इसलिए खोज अभियान को कई दिशाओं में आगे बढ़ाया जा रहा है।
दो युवकों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा
मामले में नया मोड़ तब आया जब युवती के परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर उसके साथ आए दो युवकों पर संदेह जताया। इसके आधार पर पुलिस ने उधमसिंह नगर निवासी हरमनपाल और उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी हरमनप्रीत सिंह के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस दोनों युवकों से लगातार पूछताछ कर रही है और युवती के अंतिम समय की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है और किसी भी संभावना को खारिज नहीं किया गया है।
दोस्ती और ट्रैकिंग यात्रा बनी जांच का केंद्र
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि लापता युवती हरमनपाल की मित्र थी। बताया जा रहा है कि जब हरमनपाल और हरमनप्रीत ने दयारा बुग्याल घूमने की योजना बनाई, तब युवती भी उनके साथ यात्रा पर चली गई। पुलिस अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि ट्रैकिंग के दौरान क्या घटनाक्रम हुआ और युवती आखिरी बार किस स्थान पर देखी गई थी।
जांच एजेंसियां युवकों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही हैं ताकि मामले की सच्चाई तक पहुंचा जा सके।
परिजनों की बढ़ी चिंता, प्रशासन पर टिकी निगाहें
चार दिन से लगातार चल रहे खोज अभियान के बावजूद युवती का कोई सुराग न मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द युवती को खोज निकालने की मांग की है। वहीं स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर चिंतित हैं और खोज अभियान में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
दयारा बुग्याल जैसे लोकप्रिय पर्यटन और ट्रैकिंग स्थल से युवती के रहस्यमय ढंग से लापता होने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पूरे मामले पर लोगों की निगाहें टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि जल्द ही खोज अभियान में कोई महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी तथा युवती के लापता होने के रहस्य से पर्दा उठ सकेगा।


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