प्रस्तावित योजना के तहत इन इलेक्ट्रिक बसों का संचालन मुख्य रूप से देहरादून से दिल्ली सहित अन्य व्यस्त मैदानी मार्गों पर किया जाएगा। इन रूटों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही होती है, इसलिए इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त सफर का विकल्प मिलेगा। साथ ही पारंपरिक डीजल बसों की तुलना में ई-बसें पर्यावरण के लिए भी अधिक अनुकूल साबित होंगी।
रोडवेज प्रबंधन फिलहाल इस बात का अध्ययन कर रहा है कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत किया जाए या फिर निगम स्वयं बसों की खरीद कर उनका संचालन करे। इसके लिए दोनों विकल्पों के आर्थिक पहलुओं, परिचालन लागत, रखरखाव और संभावित लाभ-हानि का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
परिवहन विभाग का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा और लंबे समय में परिचालन लागत में भी कमी आएगी। इसके अलावा डीजल से होने वाले वायु प्रदूषण में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण के राज्य सरकार के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी। केंद्र और राज्य सरकारें लगातार हरित परिवहन को बढ़ावा दे रही हैं और उत्तराखंड भी इसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
ई-बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशनों और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बस डिपो और प्रमुख रूटों पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है, ताकि बसों का संचालन बिना किसी बाधा के किया जा सके। साथ ही तकनीकी कर्मचारियों और चालकों को इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के आने से यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इन बसों में आरामदायक सीटें, कम शोर, बेहतर सस्पेंशन और आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुखद होगी।
महाप्रबंधक (संचालन) क्रांति सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। योजना को अंतिम रूप देकर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा।
यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है तो उत्तराखंड रोडवेज के बेड़े में आधुनिक तकनीक से लैस इलेक्ट्रिक बसों का नया अध्याय जुड़ जाएगा। इससे न केवल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह पहल एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।


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