इसी संबंध में सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) के महासचिव मनिंदर पाल सिंह, कोषाध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष विमल चौधरी और ओंकार सिंह सहित गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN), कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के प्रबंध निदेशक तथा प्रदेश के सभी जिला पर्यटन विकास अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आयोजन की तैयारियों, प्रस्तावित रूट, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रस्तावित रूट के अनुसार प्रतियोगिता की शुरुआत नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर से होगी। इसके बाद साइकिलिस्ट बागेश्वर, कर्णप्रयाग, गुप्तकाशी और टिहरी की पहाड़ियों से गुजरते हुए देहरादून जिले के मसूरी पहुंचेंगे, जहां अभियान का समापन प्रस्तावित है। इस दौरान प्रतिभागियों को उत्तराखंड के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों और चुनौतीपूर्ण पहाड़ी परिस्थितियों से गुजरने का अवसर मिलेगा।
इस बार प्रतियोगिता को पहले से अधिक रोमांचक बनाने के लिए सामान्य सड़कों के साथ विशेष रूप से चयनित ऑफ-रोड ट्रैक्स को भी रूट में शामिल किया जाएगा। कठिन चढ़ाई, तेज ढलान, तकनीकी मोड़ और ऑफ-रोड ट्रैक प्रतिभागियों के कौशल और धैर्य की परीक्षा लेंगे। साथ ही, इन रास्तों के जरिए देश-विदेश से आने वाले साइकिलिस्टों को उत्तराखंड के हिमालयी भूगोल और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
आयोजन की तैयारियों को लेकर सचिव पर्यटन ने अधिकारियों को प्रस्तावित रूट की तकनीकी और सुरक्षा दृष्टि से गहन जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड, KMVN, GMVN और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम आगामी एक सप्ताह में पूरे रूट की रेकी पूरी करे। रूट के प्रत्येक मोड़, चढ़ाई, ढलान और ऑफ-रोड ट्रैक का परीक्षण कर सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
सचिव पर्यटन ने कहा कि ‘अल्टीमेट उत्तराखंड MTB चैलेंज’ का दोबारा आयोजन प्रदेश को वैश्विक साहसिक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ी भूगोल, संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता को राज्य के वार्षिक पर्यटन कैलेंडर का स्थायी हिस्सा बनाया जाएगा। इससे हर वर्ष उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन का एक बड़ा आयोजन आयोजित हो सकेगा और शीतकालीन पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रतियोगिता से सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के साथ स्थानीय युवाओं और समुदायों के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
सचिव पर्यटन ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को वर्षभर पर्यटकों की पसंद बनाने की दिशा में काम कर रही है। वेलनेस, एडवेंचर और शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देकर राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने तथा स्थानीय समुदायों को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।




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