स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में एच1एन1 संक्रमण सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर रहा है। 61 से 70 वर्ष आयु वर्ग में सबसे अधिक 58 मरीज सामने आए हैं। इसके बाद 51 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 57 संक्रमित मिले हैं। 21 से 30 वर्ष के 37, 41 से 50 वर्ष के 34 और 71 से 80 वर्ष आयु वर्ग के 31 मरीज शामिल हैं। वहीं, 31 से 40 वर्ष के 24, एक से 10 वर्ष के 21, 11 से 20 वर्ष के 18 और 81 से 90 वर्ष आयु वर्ग के 13 मरीज सामने आए हैं। कुल संक्रमितों में 185 पुरुष और 151 महिलाएं हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने बदलते संक्रमण के बीच निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों की ओर से लोगों से लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। खासतौर पर बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
डेंगू के आठ नए मामले
देहरादून में डेंगू का संक्रमण भी लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को आठ नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई। इनमें चार मरीज देहरादून जिले के और चार अन्य जिलों के हैं। वहीं, उपचार के बाद आठ मरीज स्वस्थ हुए हैं। जिले में अब तक डेंगू के कुल 138 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 127 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 11 मरीज वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। राहत की बात यह है कि जिले में डेंगू से अब तक किसी मौत की सूचना नहीं है।
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से व्यापक स्तर पर जांच और सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। सोमवार को एक ही दिन में डेंगू की जांच के लिए 804 सैंपल लिए गए। आशा कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने जिले में 13,010 घरों का सर्वे किया। इस दौरान 71,515 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें 274 कंटेनरों में डेंगू के लार्वा पाए गए। विभाग की टीमें लोगों को घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छरों की रोकथाम के लिए जरूरी सावधानियां बरतने के प्रति जागरूक कर रही हैं।
चिकनगुनिया के मामले भी बढ़े
डेंगू और स्वाइन फ्लू के बीच जिले में चिकनगुनिया के चार नए मामले भी सामने आए हैं। इसके साथ ही चिकनगुनिया के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 82 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है और संक्रमित मरीजों के उपचार के साथ-साथ बीमारी की रोकथाम पर भी जोर दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और समय पर चिकित्सकीय जांच कराएं। विभाग का फोकस संक्रमण की जल्द पहचान, मरीजों के उपचार और डेंगू के मच्छरों की रोकथाम पर है।


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