आदि कैलास यात्रा का दूसरा चरण आमतौर पर मानसून समाप्त होने के बाद शुरू होता है। इस बार भी श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। कुछ यात्री यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं, जबकि कुछ दर्शन कर वापस लौट भी चुके हैं। प्रशासन की ओर से यात्रा की औपचारिक अनुमति और तिथि तय होने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, यात्रा शुरू करने से पहले मार्ग की स्थिति एक महत्वपूर्ण चुनौती बनी हुई है। धारचूला से कूलागाड़ तक सड़क मार्ग की स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। इसके विपरीत उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रा मार्ग अपेक्षाकृत दुरुस्त है। ऐसे में प्रवेश मार्ग की स्थिति सामान्य होने के बाद आदि कैलास यात्रा का दूसरा चरण शुरू होने की उम्मीद है।
स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के मुताबिक, आदि कैलास यात्रा के साथ ही मुनस्यारी में भी शरदकालीन पर्यटन को लेकर अच्छी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। अक्टूबर महीने के लिए ऑनलाइन होटल बुकिंग शुरू हो चुकी है और अब तक करीब 30 से 35 प्रतिशत कमरे बुक किए जा चुके हैं। इससे पर्यटन कारोबारियों को आगामी सीजन के बेहतर रहने की उम्मीद है।
होटल एसोसिएशन के महासचिव देवेंद्र सिंह मेहता के अनुसार, अक्टूबर के मध्य से होटलों में बुकिंग बढ़ने लगी है। इस बार शुरुआती बुकिंग में बंगाल से आने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक है। दुर्गा पूजा के आसपास बड़ी संख्या में बंगाली पर्यटक मुनस्यारी पहुंचते हैं। इसके चलते अक्टूबर में यहां होटल, होम स्टे, टैक्सी और अन्य पर्यटन गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
मुनस्यारी में शरद ऋतु का मौसम पर्यटकों के लिए खास आकर्षण रखता है। बारिश के बाद मौसम साफ होने से हिमालयी चोटियों के नजारे बेहतर दिखाई देते हैं। यही कारण है कि मानसून के बाद यहां पर्यटकों की आवाजाही में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होती है। इस बार आदि कैलास यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह भी स्थानीय पर्यटन कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि आदि कैलास यात्रा की तिथि तय होने के बाद सीमांत क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। यात्रा मार्ग पूरी तरह सुचारु होने और प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
सरकार और प्रशासन की ओर से सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में आदि कैलास, ओम पर्वत और मुनस्यारी आने वाले महीनों में उत्तराखंड के प्रमुख शरदकालीन पर्यटन केंद्रों के रूप में और अधिक उभर सकते हैं। अक्टूबर और उसके बाद सर्दियों के सीजन में बढ़ती बुकिंग से स्थानीय कारोबारियों को भी अच्छे पर्यटन सीजन की उम्मीद है।


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