नितिन नवीन ने वंदे मातरम् के मुद्दे पर सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी वंदे मातरम् के महत्व को समझ ही नहीं सकते, क्योंकि उन्होंने भारतीय संस्कृति को नहीं समझा है। भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश में पले-बढ़े हैं और जिस वंदे मातरम् की गूंज के साथ हजारों-लाखों लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया, उसे गाने में कांग्रेस नेतृत्व असहज महसूस करता है।
उन्होंने कहा कि जब सनातन पर टिप्पणी या हमला होता है, तब कांग्रेस को पीड़ा नहीं होती, लेकिन वंदे मातरम् को पूरा गाने में उसे परेशानी महसूस होती है। नितिन नवीन ने कहा कि देश का प्रत्येक नागरिक वंदे मातरम् की गूंज के साथ आगे बढ़ेगा। उनके इस बयान को भाजपा की राष्ट्रवादी राजनीति और कांग्रेस के खिलाफ वैचारिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है।
देवभूमि में नहीं चलेगी विभाजनकारी सोच
नितिन नवीन ने हल्द्वानी की सभा से जुड़े विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि खरगे ने इस धरती से राजनीतिक खेल खेलने का काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत धर्म विशेष के नारे लगवाए गए और इससे देवभूमि की पवित्रता को अपमानित करने का प्रयास हुआ। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति को ऐसी विभाजनकारी राजनीति प्रभावित नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा कि देवभूमि के हर कंकड़ में भगवान शंकर का वास माना जाता है और यहां की जनता अपनी आस्था तथा संस्कृति के प्रति संवेदनशील है। कांग्रेस की राजनीति उत्तराखंड की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर नहीं कर सकती।
दलित मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कांग्रेस को दलित मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने शुद्धीकरण शब्द का सीधे इस्तेमाल किए बिना राजस्थान में दलित समाज से आने वाले कांग्रेस के नगर अध्यक्ष के साथ मारपीट का उल्लेख किया। इसके जरिए उन्होंने कांग्रेस पर दलितों के सम्मान और अधिकारों को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक ऐसे समय हुई, जब खरगे की सभा के बाद कथित शुद्धीकरण का मामला राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बन चुका है। कांग्रेस ने इस घटना को दलितों के अपमान से जोड़कर मुद्दा उठाया है, जबकि भाजपा अब इसी विवाद के जरिए कांग्रेस पर पलटवार कर रही है।
नितिन नवीन का हल्द्वानी में यह संबोधन उत्तराखंड की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो रही हैं। दोनों दल अपने मुद्दों को जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने कार्यसमिति की बैठक से कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के साथ राष्ट्रवादी और सांस्कृतिक मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा। हल्द्वानी से दिए संदेश के जरिए पार्टी ने संकेत दिया कि चुनाव में कांग्रेस के नैरेटिव का जवाब दिया जाएगा।


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