सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य खिलाड़ियों को नौकरी की सुरक्षा देने के साथ उनके खेल करियर को भी जारी रखने का अवसर उपलब्ध कराना है। पांच वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद संबंधित खिलाड़ियों को उनके मूल यानी संबंधित विभाग में भेजा जाएगा। इस व्यवस्था के तहत खिलाड़ी नौकरी में आने के बाद भी अपनी खेल गतिविधियों से जुड़े रह सकेंगे।
छह विभागों में होगी नियुक्ति
प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को छह अलग-अलग सरकारी विभागों में नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। पात्र खिलाड़ियों को उनकी शैक्षिक योग्यता, खेल उपलब्धियों और निर्धारित मानकों के आधार पर संबंधित पदों पर नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पदों का सृजन भी किया है।
हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में इन विभागों में कुल 243 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इन पदों के माध्यम से राष्ट्रीय खेलों में पदक हासिल करने वाले पात्र खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में शामिल किया जाएगा। नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित नियमों और पात्रता मानकों के अनुसार पूरी की जाएगी।
पांच साल खेल विभाग में सेवा
नई व्यवस्था में खिलाड़ियों के खेल करियर को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है। सरकारी नौकरी मिलने के बाद शुरुआती पांच वर्षों तक खिलाड़ियों की तैनाती खेल विभाग में रहेगी। इसका उद्देश्य यह है कि खिलाड़ी नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ अपने खेल अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी भी कर सकें।
खिलाड़ी इस दौरान राष्ट्रीय और अन्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे। इससे सरकारी सेवा में आने के बाद भी उनकी खेल गतिविधियों पर विराम नहीं लगेगा। पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद खिलाड़ियों को उनके संबंधित मूल विभाग में स्थानांतरित किया जाएगा।
खिलाड़ियों को मिलेगा दोहरा अवसर
सरकार के इस फैसले से राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को खेल और रोजगार, दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। अक्सर खेल प्रतिभाओं के सामने करियर और रोजगार को लेकर चुनौती रहती है। सरकारी नौकरी मिलने से उन्हें आर्थिक और रोजगार संबंधी स्थिरता मिल सकती है, जबकि खेल विभाग में शुरुआती पांच वर्ष की सेवा उन्हें अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगी।
उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की लंबे समय से मांग उठती रही है। सरकार के निर्णय के बाद अब पदक विजेताओं को नियुक्ति देने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए सृजित 243 पदों और निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर चयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सरकार की ओर से तय व्यवस्था के अनुसार नियुक्ति के बाद पांच वर्ष तक खेल विभाग में सेवा और इसके बाद मूल विभाग में भेजे जाने का प्रावधान खिलाड़ियों के खेल करियर को ध्यान में रखकर किया गया है। इस तरह राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को सरकारी सेवा के साथ अपनी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर भी मिलता रहेगा।


Leave a comment