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वायुसेना के सार्जेंट आशीष जुयाल का आकस्मिक निधन, पिंडर नदी तट पर सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

विकासखंड देवाल के अंतर्गत कोठी गांव निवासी वायुसेना के 36 वर्षीय सार्जेंट आशीष जुयाल का दिल्ली में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से कोठी गांव समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। गुरुवार को उनके पैतृक घाट कोठी में पिंडर नदी के तट पर पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और क्षेत्र के लोग शामिल हुए।

 

सार्जेंट आशीष जुयाल वायुसेना में सेवारत थे। वह कोठी गांव निवासी स्वर्गीय शंभू प्रसाद जुयाल के पुत्र थे। जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम दिल्ली स्थित आर्मी अस्पताल में उनका आकस्मिक निधन हुआ। उनके निधन का कारण सामने नहीं आया है। वायुसेना के जवानों की एक टीम उनके पार्थिव शरीर को लेकर कोठी पहुंची। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों और ग्रामीणों के लिए यह क्षण बेहद भावुक रहा।

पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए घर पर रखा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। वायुसेना के जवानों ने सैन्य परंपरा के अनुसार सार्जेंट आशीष जुयाल को अंतिम सलामी दी। थराली विधायक भूपाल राम टम्टा समेत कई जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। लोगों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।

इसके बाद आशीष जुयाल के घर से अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए पैदल श्मशान घाट तक पहुंचे। इस दौरान लोगों ने ‘आशीष जुयाल अमर रहें’ के नारे लगाए। अंतिम यात्रा पिंडर नदी के तट स्थित पैतृक श्मशान घाट पहुंची।

श्मशान घाट पर वायुसेना के जवानों ने एक बार फिर सैन्य सम्मान के साथ दिवंगत सार्जेंट को अंतिम सलामी दी। इसके बाद परिजनों ने उन्हें मुखाग्नि दी। पूरे माहौल में गम और भावुकता का वातावरण रहा। सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई के दौरान मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।

आशीष जुयाल अपने परिवार में तीन बहनों के इकलौते भाई थे। उनकी असमय मृत्यु से मां, पत्नी और तीनों बहनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। आशीष अपने पीछे एक छोटी बेटी भी छोड़ गए हैं। पिता की असमय मौत से मासूम बेटी भी परिवार के साथ गहरे सदमे में है।

ग्रामीणों के अनुसार, आशीष जुयाल वायुसेना में सेवा देकर देश की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनके आकस्मिक निधन से गांव और क्षेत्र ने एक युवा सैनिक को खो दिया है। अंतिम संस्कार में कोठी की प्रधान लक्ष्मी देवी, पुष्कर सिंह बिष्ट, नंदा बल्लभ जुयाल, पूर्व ज्येष्ठ प्रमुख हरेंद्र कोटेड़ी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत सार्जेंट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

आशीष जुयाल की अंतिम विदाई ने पूरे क्षेत्र को भावुक कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि देश सेवा में कार्यरत एक युवा सैनिक का इस तरह अचानक चले जाना परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

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Hill Mail

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