राज्यपाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनके अनुभव, रुचियों और भविष्य के सपनों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत दर्शन जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान को किताबों से बाहर वास्तविक अनुभवों से जोड़ने का काम करते हैं।
सिर्फ घूमना नहीं, सीखने का अवसर
राजभवन में विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि भारत दर्शन केवल भ्रमण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश को करीब से जानने और समझने का अवसर है। उन्होंने कहा कि इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, तकनीक और लोकतंत्र के बारे में किताबों में पढ़ने के साथ जब विद्यार्थी इन्हें प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं तो उनका अनुभव और ज्ञान अधिक व्यापक होता है।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह नजर आया। बच्चों ने यात्रा को लेकर अपनी उत्सुकता साझा की और विभिन्न स्थानों को देखने तथा वहां से नई चीजें सीखने की बात कही।
लखनऊ समेत कई शहरों का करेंगे भ्रमण
भारत दर्शन के इस संस्करण में शामिल विद्यार्थी उत्तराखंड से निकलकर उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों का भ्रमण करेंगे। यात्रा में ऋषिकेश, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और रुड़की समेत विभिन्न स्थानों को शामिल किया गया है। इस दौरान विद्यार्थियों को ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों को करीब से देखने का मौका मिलेगा।
यात्रा का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश की विविधता और विकास की तस्वीर से परिचित कराने के साथ उनके भीतर नई संभावनाओं की समझ विकसित करना भी है। अलग-अलग शहरों में जाकर विद्यार्थी वहां की संस्कृति, इतिहास, शिक्षा और आधुनिक व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे।
दस साल से जारी है पहल
विधायक विनोद कंडारी के अनुसार, भारत दर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्र के मेधावी बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखना है। निजी खर्च पर आयोजित की जा रही इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के विभिन्न हिस्सों को देखने और नए अनुभव हासिल करने का अवसर दिया जा रहा है।
उन्होंने यात्रा पर जा रहे विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बच्चे इस दौरान खूब सीखें, नए अनुभव हासिल करें और यादगार स्मृतियों के साथ वापस लौटें।
देवप्रयाग जैसे पर्वतीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए यह यात्रा अपने परिचित परिवेश से बाहर निकलकर देश की व्यापक तस्वीर देखने का अवसर है। दसवें संस्करण के साथ भारत दर्शन कार्यक्रम मेधावी विद्यार्थियों के लिए शिक्षा, अनुभव और नए सपनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आगे बढ़ रहा है।


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