विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बुधवार को देहरादून के यमुना कॉलोनी स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में सत्र की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सचिवालय सत्र के संचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। भराड़ीसैंण में विधायकों और अन्य संबंधित लोगों के लिए आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि सदन की कार्यवाही बेहतर ढंग से संचालित हो सके।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि 27 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होगी। सचिवालय को अब तक 31 विधायकों से 426 प्रश्न प्राप्त हुए हैं। इनमें सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों के विधायक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे विधायकों को अपने क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दे उठाने और सरकार को उन पर जवाब देने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
दो दिन के सत्र पर विधानसभा अध्यक्ष ने दी स्थिति स्पष्ट
विधानसभा सत्र की अवधि कम होने से जुड़े सवाल पर ऋतु खंडूड़ी भूषण ने स्पष्ट किया कि सत्र कितने दिन चलेगा और उसका आयोजन कहां किया जाएगा, यह तय करना सरकार का अधिकार क्षेत्र है। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, इस बार सरकार की ओर से सत्र के लिए 27 और 28 अक्टूबर की तारीखें निर्धारित की गई हैं। इसी के अनुरूप विधानसभा सचिवालय अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।
गैरसैंण में होने वाले इस सत्र को लेकर अब विधायकों की ओर से पूछे गए प्रश्नों और सदन में उठने वाले मुद्दों पर नजर रहेगी। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्य, जनसमस्याएं और सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे विषय सदन की चर्चा का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, सत्र के दौरान किन मुद्दों पर प्रमुखता से चर्चा होगी, यह विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले प्रश्नों और कार्यसूची पर निर्भर करेगा।
करवा चौथ के कारण तय हुई दो दिन की अवधि
सरकार ने भराड़ीसैंण में 27 अक्टूबर से विधानसभा सत्र आयोजित करने का निर्णय लिया है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व होने के कारण सत्र के लिए केवल दो दिन का समय निर्धारित किया गया है। ऐसे में विधानसभा सचिवालय के सामने सीमित अवधि में सदन की कार्यवाही को प्रभावी ढंग से संचालित करने की चुनौती होगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि पक्ष और विपक्ष के विधायक उपलब्ध समय का सदुपयोग करेंगे और जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देंगे। अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले सत्र पर टिकी हैं, जहां विधायकों के सवालों के माध्यम से प्रदेश की विभिन्न समस्याओं और सरकार के कामकाज से जुड़े मुद्दे सामने आएंगे।




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