मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने पीड़ित छात्रा और उसके परिजनों से संपर्क किया। सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी के अनुसार, शुरुआत में सामाजिक परिस्थितियों के कारण परिवार शिकायत दर्ज कराने के लिए सामने आने में हिचकिचा रहा था। कमेटी की ओर से समझाने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
15 छात्राओं की शिकायत का दावा
पीड़ित परिवार का दावा है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ 15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली लिखित शिकायत स्कूल के प्राचार्य को दी गई थी। परिवार के मुताबिक, 15 अक्टूबर को भी शिक्षक के खिलाफ शिकायत की गई थी, जिस पर स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था। आरोप है कि इसके बाद भी उचित कार्रवाई नहीं हुई और शिकायत करने वाली छात्रा पर दबाव बनाया गया।
परिजनों ने स्कूल के निदेशक पर भी शिकायत के बाद छात्रा के साथ कथित तौर पर अमर्यादित व्यवहार करने और उसे डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। परिवार ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त करने और निदेशक से सभी विद्यार्थियों के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
देहरादून के एसपी सिटी शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पुलिस ने 23 अक्टूबर को मामला संज्ञान में लिया था। महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता से बातचीत की। इसके बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग और पूछताछ की गई। पीड़िता की मां की ओर से डालनवाला थाने में दी गई तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
स्कूल के बाहर प्रदर्शन, शिक्षक ने रखा पक्ष
मामले को लेकर एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और प्रबंधन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के पीसीसी सदस्य एवं प्रदेश सचिव विनीत प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी धरना दिया। उन्होंने कहा कि यदि कई छात्राओं ने शिकायत की है, तो मामले को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। शिकायतों की अनदेखी या विद्यार्थियों पर दबाव बनाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।
उधर, आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अध्यापन के 25 साल के करियर में पहली बार उन पर इस तरह के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि वह सभी बच्चों के साथ अपने बेटे-बेटियों जैसा व्यवहार करते हैं। साथ ही, यदि किसी बच्चे को लगता है कि उनसे कोई गलती हुई है, तो वह उसके लिए क्षमा मांगते हैं।
फिलहाल शिक्षक निलंबित हैं और पुलिस जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।




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