कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं को खेलों से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हर ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब गठित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का बेहतर मंच मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र के समीप खाली भूमि को युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित करने की भी घोषणा की। इस भूमि पर मिनी स्टेडियम और अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इससे युवाओं को खेल सुविधाएं उपलब्ध होने के साथ ही सेना में भर्ती की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रशिक्षण का बेहतर अवसर मिलेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाने का फैसला किया गया है। न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार 300 से बढ़ाकर 400 रुपये, द्वितीय 200 से बढ़ाकर 300 रुपये और तृतीय पुरस्कार 150 से बढ़ाकर 200 रुपये किया जाएगा।
विधानसभा स्तर पर प्रथम पुरस्कार 500 से बढ़ाकर 700 रुपये, द्वितीय 400 से बढ़ाकर 500 रुपये और तृतीय 300 से बढ़ाकर 400 रुपये किया जाएगा। वहीं संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रथम पुरस्कार 800 से बढ़ाकर 1000 रुपये, द्वितीय 600 से बढ़ाकर 800 रुपये और तृतीय 400 से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की गई।
राज्य स्तर पर भी पुरस्कार राशि में बढ़ोतरी होगी। प्रथम पुरस्कार 1500 से बढ़ाकर 2000 रुपये, द्वितीय 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपये और तृतीय 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के ओवरऑल विजेता जिले को मिलने वाली मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि भी पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 खेल आयोजित किए जाते हैं। अब इनकी संख्या बढ़ाकर 50 की जाएगी। इसमें उत्तराखंड के पारंपरिक खेलों को भी विशेष रूप से शामिल किया जाएगा। प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए निर्धारित कुल धनराशि में भी वृद्धि की जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी नेतृत्व से देश की रियासतों का एकीकरण कर भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सबसे पहली पहचान भारतीय होना है और राष्ट्रीय एकता की भावना के साथ सभी को मिलकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।




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