शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार बोनस का लाभ राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत पात्र कर्मचारियों को दिया जाएगा। इसके अलावा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और जिला पंचायतों के पात्र कर्मचारियों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। कर्मचारियों को बोनस का भुगतान नकद किया जाएगा।
इन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस का लाभ
सरकार के निर्णय के अनुसार समूह ‘ग’ और समूह ‘घ’ के कर्मचारियों को तदर्थ बोनस दिया जाएगा। इसके साथ ही समूह ‘ख’ के उन अराजपत्रित कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा, जिनका ग्रेड वेतन 4,800 रुपये तक है। संशोधित वेतनमान के तहत यह सीमा लेवल-8 तक निर्धारित है। हालांकि, उत्पादकता आधारित बोनस योजना के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को इस तदर्थ बोनस का लाभ नहीं मिलेगा।
बोनस प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त भी निर्धारित की गई है। इसके तहत संबंधित कर्मचारी का 31 मार्च 2026 को सेवा में होना अनिवार्य है। यानी निर्धारित तिथि पर सेवारत कर्मचारियों को ही इस वित्तीय वर्ष के बोनस का लाभ मिलेगा।
आकस्मिक और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी दायरे में
सरकार ने बोनस के दायरे को केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं रखा है। आदेश के मुताबिक आकस्मिक और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी निर्धारित शर्तों के अनुसार बोनस दिया जाएगा। इसके अलावा लाभ की स्थिति में चल रहे स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों के कर्मचारियों को भी बोनस मिल सकेगा। हालांकि, ऐसे निकायों और प्राधिकरणों को बोनस का खर्च अपने ही संसाधनों से वहन करना होगा।
सीएम धामी ने कर्मचारियों को दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार कार्मिकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को तदर्थ बोनस दिए जाने का निर्णय उनके साथ-साथ उनके परिवारों की दीपावली की खुशियों को भी बढ़ाएगा।
सरकार के इस फैसले को त्योहार के अवसर पर कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। महंगाई और रोजमर्रा के बढ़ते खर्चों के बीच मिलने वाला यह अतिरिक्त बोनस कर्मचारियों को दीपावली की तैयारियों में आर्थिक मदद देगा।




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