Home उत्तराखंड न्यूज़ पिथौरागढ़ पिथौरागढ़ में 3.5 तीव्रता का भूकंप, झटके महसूस होते ही दहशत में आए लोग
पिथौरागढ़

पिथौरागढ़ में 3.5 तीव्रता का भूकंप, झटके महसूस होते ही दहशत में आए लोग

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में शुक्रवार शाम भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई और कई लोग घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र पिथौरागढ़ जिले के नेकल धुरा क्षेत्र में था। इसकी गहराई जमीन से 10 किलोमीटर नीचे बताई गई है। राहत की बात यह रही कि भूकंप से फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

 

शाम 7:50 बजे महसूस हुए झटके

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, 6 नवंबर 2026 को शाम 7 बजकर 50 मिनट और 1 सेकंड पर पिथौरागढ़ में भूकंप आया। इसकी भौगोलिक स्थिति 30.107 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.553 डिग्री पूर्वी देशांतर दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र नेकल धुरा क्षेत्र में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर था।

झटके महसूस होते ही स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक धरती हिलने से लोग घबरा गए और एक-दूसरे को फोन कर भूकंप की जानकारी लेने लगे। कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, भूकंप की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है उत्तराखंड

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य माना जाता है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और भूगर्भीय संरचना भूकंप के खतरे को और महत्वपूर्ण बना देती हैं।

पहले भूकंपीय संवेदनशीलता के आधार पर उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों को जोन चार और पांच में रखा गया था। हालांकि, वर्ष 2025 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) की ओर से देश का नया भूकंपीय जोन मैप जारी किया गया। इसमें उत्तराखंड को जोन छह में शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया है। इससे प्रदेश में भूकंप के खतरे और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर चर्चा तेज हुई है।

भूकंप आने पर बरतें ये सावधानियां

विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप के दौरान घबराने के बजाय धैर्य बनाए रखना जरूरी है। यदि आप घर के अंदर हैं तो मजबूत मेज या टेबल के नीचे शरण लें और सिर को सुरक्षित रखें। खिड़कियों, कांच, दीवारों और भारी सामान से दूरी बनाए रखें। खुले स्थान पर मौजूद लोग इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें।

वाहन चला रहे हों तो सुरक्षित स्थान पर वाहन रोक दें। भूकंप के बाद क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और गैस या बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने पर सावधानीपूर्वक उसे बंद करें। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों को सूचना दें।

इसके अलावा परिवार के लिए आपातकालीन योजना तैयार रखना, जरूरी दवाइयां, पानी, भोजन, टॉर्च और प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध रखना भी जरूरी है। भूकंप के बाद अफवाहों से बचें और प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

आदि कैलाश परिक्रमा रन-2.0 में शामिल हुए CM धामी, अगले साल माणा पास से औली तक होगी 100 माइल्स अल्ट्रा रन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पिथौरागढ़ जिले के गुंजी में...

पिथौरागढ़ में चार नई लघु जलविद्युत परियोजनाएं, 62 मेगावाट बिजली उत्पादन से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में छोटी नदियों और जलधाराओं की ऊर्जा...

पिथौरागढ़ में तैयार हो रही शिलाजीत की दिव्य औषधि, जानिए कैसे होती है इसकी प्रक्रिया

उत्तराखंड के सुदूर पहाड़ी क्षेत्र पिथौरागढ़ में प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान...