अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए लगातार काम कर रही है। डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राज्य में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस विकास के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने के बजाय भय और टकराव का माहौल बनाने में जुटी है।
राहुल गांधी पर भी किया तीखा प्रहार
गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह लगातार देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठाते हैं। चुनावी परिणाम अपने पक्ष में आने पर व्यवस्था सही नजर आती है, लेकिन परिणाम विपरीत होने पर ईवीएम और एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। अमित शाह ने इसे दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि लोकतंत्र के प्रति ईमानदारी का तकाजा है कि सभी संस्थाओं और प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाए।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अपमान करते हैं तो कांग्रेस के नेता चुप रहते हैं। इसी तरह उत्तराखंड के लोगों को लेकर दिए गए कथित विवादित बयानों पर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की चुप्पी सवाल खड़े करती है।
अंकिता और जेनी प्रकरण को लेकर कांग्रेस को घेरा
अमित शाह ने उत्तराखंड के संवेदनशील मुद्दों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस भाजपा सरकार से जवाब मांगती है, लेकिन अपने नेताओं से जुड़े पुराने विवादों और जेनी प्रकरण पर चुप्पी साध लेती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस को केवल राजनीतिक लाभ के लिए ही मुद्दे क्यों याद आते हैं? शाह ने कहा कि उत्तराखंड की जनता कांग्रेस की राजनीति और उसके नेताओं के बयानों को समझ चुकी है।
अराजकता फैलाने की राजनीति पर जताई नाराजगी
गृह मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और असहमति व्यक्त करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए युवाओं को भड़काना, अफवाहें फैलाना और हिंसा को प्रोत्साहित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता विकास, स्थिरता और सुशासन चाहती है। भाजपा सरकार प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
2027 चुनाव की तैयारी के बीच सियासी संदेश
अमित शाह का यह संबोधन उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अपने भाषण के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं को विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का संदेश दिया। वहीं, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर हमले के जरिए आगामी विधानसभा चुनाव का सियासी माहौल भी गर्म कर दिया।




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