हिल मेल ब्यूरो, देहरादून
उत्तराखंड में विकास योजनाओं को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने तय किया है कि वह हर हफ्ते दो दिनों तक लगातार विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में रहकर सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करेंगे। गौर करने वाली बात है कि नेतृत्व परिवर्तन को लेकर उड़ रही अफवाहों के बीच यह कदम उठाया गया है, जिससे साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री इन अफवाहों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं और राज्य में चल रहे विकास कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाना चाहते हैं।
सरकार में शामिल सूत्रों का कहना है कि विपक्ष और एक खास वर्ग इस तरह की अफवाहें फैलाकर ब्यूरोक्रेसी में असमंजस की स्थिति पैदा करना चाहता है, जिससे सरकारी योजनाओं की रफ्तार धीमी की जा सके और जमीन पर काम न होने का मुद्दा बनाकर सरकार को घेरा जा सके। हालांकि सरकार पर विपक्ष के प्रोपेगैंडे का कोई असर नहीं है और सीएम त्रिवेंद्र ने मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों को साफ कर दिया है कि हम अपनी विकास योजनाओं को और तेज गति से आगे बढ़ाएंगे। इससे अफवाहें खुद ही थम जाएंगी।
अब मुख्यमंत्री हर बुधवार और गुरुवार को अपने कार्यालय में रहकर प्रदेश के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों से रूबरू होंगे। इस पहल का मकसद साफ है कि दो दिनों तक जनप्रतिनिधियों से सीधे जुड़कर उनकी समस्याओं को सुना जाए और मंत्रिमंडल और ब्यूरोक्रेसी के साथ मिलकर समाधान निकाला जाए। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि लोगों की समस्याएं लंबित न हों और उन पर तत्काल कार्रवाई हो। सीएम इस दौरान सरकार की तरफ से चलाई जा रही योजनाओं का फीडबैक भी लेंगे।
सीएम रावत ने कैबिनेट के अपने दूसरे मंत्रियों से भी कहा है कि वे भी ऐसा ही करें और दो दिनों तक लगातार एक ही जगह पर उपस्थित रहें। सरकार की इस पहल से फायदा यह होगा कि जनप्रतिनिधि अगर कोई समस्या लेकर आते हैं तो विभागीय मंत्री और संबंधित अधिकारी आपस में तालमेल बिठाते हुए फौरन उसका समाधान ढूंढेंगे। इस तरह से समस्याओं का समाधान ढूंढने और उसे दूर करने में समय कम लगेगा।
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की अफवाहें फैलाई जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो सीएम रावत ने साफ किया है कि विपक्ष द्वारा प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल दिखाने की कोशिश दरअसल एक सोची समझी साजिश है। ऐसा कर विपक्षी दल ब्यूरोक्रेसी पर दबाव बनाना चाहते हैं जिससे सरकार की योजनाओं का जमीन पर ठीक तरह से क्रियान्वयन न हो सके। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इन अफवाहों पर ध्यान न देते हुए अपने मंत्रियों और अधिकारियों को अपना काम और भी मुस्तैदी से करने को कहा है।
हाल ही में अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने को लेकर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के साथ बैठक कर कामकाज पर मंथन किया था। मंत्रियों ने न सिर्फ अपने काम का ब्योरा पेश किया बल्कि विधायकों ने भी अपने क्षेत्र की समस्याएं सामने रखीं। इस दौरान सीएम ने बताया कि तीन साल की अवधि में राज्य हित में की गईं 57 फीसदी घोषणाएं पूरी की जा चुकी हैं, बाकी पर काम तेज गति से चल रहा है। सीएम ने विकास कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए अधिकारियों को भी निर्देश दिया था। मंत्री, ब्यूरोक्रेसी और जन प्रतिनिधियों के आमने-सामने बैठकर जन समस्याओं पर चर्चा करने का यह कदम उत्तराखंड में पहली बार उठाया गया।


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