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पहाड़ी शैली में बना NIM का अद्भुत संग्रहालय, सभ्यता और संस्कृति की दिखेगी झलक

हिल मेल ब्यूरो, उत्तरकाशी/देहरादून

नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) उत्तरकाशी में पांच वर्षों से तैयार हो रहा पहाड़ी शैली का अत्याधुनिक संग्रहालय बनकर तैयार हो गया है। नजारा कुछ ऐसा है कि तस्वीरें देखते ही आप इसे करीब से देखना चाहेंगे। इस अद्भुत संग्रहालय का लोकार्पण मार्च में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे। एनआईएम के प्रिंसिपल कर्नल अमित बिष्ट ने ‘हिल मेल’ से बातचीत में बताया कि संग्रहालय के आसपास और निम कैंपस में सुंदरीकरण का काम चल रहा है।

उन्होंने बताया कि म्यूजियम डिस्प्ले पर भी कार्य प्रगति पर है। हेलीपैड को निम से जोड़ने वाली सड़क को संबंधित विभाग रिपेयर कर रहा है। इसके साथ-साथ राष्ट्रपति के भाषण के लिहाज से एक अलग क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। करीब तीन करोड़ की लागत से तैयार संग्रहालय के मार्च में लोकार्पण होगा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के दौरे के मद्देनजर निम में रंग-रोगन सहित संग्रहालय में लगने वाली सामग्री आदि का काम चल रहा है।

 

आपको बता दें कि 14 नवंबर 1965 को स्थापित निम भारत के प्रमुख पर्वतारोहण संस्थानों में से एक है जिसने एशिया भर में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह संस्थान बच्चों और वयस्कों को पर्वतारोहण और अन्य साहसिक पाठ्यक्रम में प्रशिक्षण प्रदान करता आ रहा है।

 

निम ने अब देशभर से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों एवं अतिथियों के लिए पहाड़ी शैली और पहाड़ी संस्कृति से सुसज्जित संग्रहालय तैयार किया है। संग्रहालय के बाहर जहां पहाड़ी शैली के पत्थर और लकड़ी की नक्काशी है, वहीं उसके अंदर पहाड़ी संस्कृति को प्राकृतिक पेड़ों और जंगली जानवर सहित पहाड़ी संस्कृति के भवनों को दर्शाया गया है।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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