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अग्निवीर सचिन सिंह के बलिदान से क्षेत्र में शोक की लहर

सचिन सिंह भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। बताया जा रहा है कि केरल में ड्यूटी के दौरान एक आकस्मिक घटना में उनका निधन हो गया। हालांकि आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी का इंतजार है, लेकिन उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव नौगांव आसूई सहित पूरे कल्जीखाल ब्लॉक और पौड़ी जनपद में गहरा शोक व्याप्त हो गया।

बचपन से ही देशसेवा का सपना

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, सचिन सिंह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत थे। वे मिलनसार, अनुशासित और मेहनती स्वभाव के युवक थे। गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने कम उम्र में ही सेना में भर्ती होकर देश सेवा का सपना साकार किया था। उनकी लगन और समर्पण ने पूरे क्षेत्र को गर्व महसूस कराया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

शहादत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण बड़ी संख्या में उनके घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोगों की आंखें नम हैं।

जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि

क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और पूर्व सैनिकों ने शहीद अग्निवीर सचिन सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि सचिन सिंह का बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा और उनका नाम सदैव सम्मान के साथ लिया जाएगा। कई संगठनों ने परिवार को हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।

पूरे सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

सूत्रों के अनुसार, वीर सपूत का पार्थिव शरीर शीघ्र ही उनके पैतृक गांव नौगांव आसूई लाया जाएगा। वहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्रशासन और सेना के अधिकारी अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हैं।

सचिन सिंह ने कम उम्र में देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देकर यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड की धरती आज भी वीरों को जन्म देती है। उनका बलिदान सदैव युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।

वीर सपूत को शत-शत नमन।

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Hill Mail

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