केदारपुरी में हलचल तेज होने वाली है। 10 दिन कपाट खुल जाएंगे और पुजारी विधि-विधान से पूजा अर्चना कराएंगे। आम जनता को अनुमति नहीं दी गई है। लॉकडाउन के चलते भले ही आप न पहुंच पा रहे हों पर यहां तस्वीरों से आप उस भव्यता का अनुभव कर सकते हैं। देखिए बर्फ को काटकर रास्ता तैयार करने के बाद कैसा दिख रहा केदारनाथ धाम।
कोरोना संकट में जारी लॉकडाउन के बीच केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को खुलेंगे। इस बीच केदारनाथ धाम के रावल उत्तराखंड पहुंच गए हैं। उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। कपाट खुलने से पहले परंपरा के मुताबिक केदार की डोली 28 अप्रैल को गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर 9 किमी बर्फ की मोटी परत के बीच बनाए तीन मीटर चौड़े रास्ते से होकर यहां पहुंचेगी। इसकी सारी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। तस्वीरों से कीजिए पूरा सफर-
- पैदल रास्ता छानी कैंप से रुद्रा प्वाइंट तक करीब 700 मीटर बर्फ से घिरा हुआ है। अगले एक सप्ताह में इसे साफ कर दिया जाएगा। 25 अप्रैल से पैदल मार्ग पर गौरीकुंड से धाम तक आवाजाही शुरू हो जाएगी। केदारनाथ धाम के कपाट 29 अप्रैल को तय समय यानी सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर खोले जाएंगे।
- बर्फ काटकर रास्ता बनाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। यहां भी सामाजिक दूरी का पालन किया जा रहा है। वुड स्टोन कंस्ट्रक्शन कंपनी के 130 मजदूर पैदल रास्ते से बर्फ हटाने के काम में जुटे हैं।
- बर्फ को हटाकर रास्ता तैयार करने का काम इतना आसान नहीं है। बताया जा रहा है कि रामबाड़ा से केदारनाथ तक अब भी 5 से 7 फीट तक बर्फ है। पैदल मार्ग पर बर्फ को काटकर तीन मीटर चौड़ा रास्ता बनाया गया है। रामबाड़ा से छानी कैंप के बीच सात हिमखंड जोनों पर 25 से 40 फीट तक बर्फ है।
- बाबा के भक्तों को हर साल कपाट खुलने का इंतजार रहता है। इसी रास्ते से होकर श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचते हैं। कपाट खुलते समय आम लोगों को दर्शन की अनुमति तो नहीं दी गई है लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि कोरोना से जंग जीतने के बाद सब कुछ पहले की तरह सामान्य हो जाएगा।
- इससे पहले केदारधाम के आसपास की दिव्य तस्वीरें सामने आई हैं। नजारा कुछ ऐसा है कि देखिए तो बस देखते रह जाएं।
- चारधाम यात्रा की शुरुआत कपाट खुलने से हो जाती है। 26-27 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने हैं जबकि 29 अप्रैल को केदारनाथ और 30 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाने हैं।
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